Shahjahanpur: लोअर-टीशर्ट पहना, गमछा डाला, किसान बने ADM: मोलभाव के बहाने पकड़े गेहूं के ओवरलोड ट्रक, 600 क्विंटल जब्त

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शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में ADM (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार एक बार फिर अपनी अनोखी कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में हैं।

शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में ADM (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार एक बार फिर अपनी अनोखी कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने लोअर-टीशर्ट पहनकर और गले में गमछा डालकर खुद को किसान के रूप में पेश किया और गेहूं खरीद केंद्र पर छापेमारी कर दी। जैसे ही वह मोलभाव करते हुए मौके पर पहुंचे, व्यापारियों को भनक तक नहीं लगी कि उनके सामने कोई आम किसान नहीं, बल्कि जिले के ADM खड़े हैं।

ADM अरविंद कुमार को सूचना मिली थी कि सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम दर पर गेहूं की खरीदारी की जा रही है और उसे अवैध रूप से भंडारित कर बाहर भेजा जा रहा है। इस सूचना की पुष्टि के लिए वह गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र के खमरिया गांव में बिना किसी सरकारी गाड़ी और तामझाम के पहुंचे। वहां उन्होंने व्यापारी से किसान बनकर बातचीत की और मोलभाव शुरू किया। कुछ ही देर में उन्होंने अपनी टीम को मौके पर बुलाया और दो ओवरलोड ट्रक सहित करीब 600 क्विंटल गेहूं को जब्त कर लिया।

इस कार्रवाई से स्थानीय प्रशासन और आम लोग चौंक गए। ADM की कार्यशैली की जिलेभर में जमकर चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि अधिकारी यदि इस तरह जमीन पर उतरें तो भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर लगाम लगाई जा सकती है।

ADM अरविंद कुमार यहीं नहीं रुके। उनकी सख्ती का असर जिले के अन्य अवैध कार्यों पर भी देखने को मिला है। पहली बार जिले में अवैध रूप से संचालित पांच ईंट-भट्ठों को सील किया गया। इसके साथ ही उन्होंने बिजली विभाग की विजिलेंस टीम की भी पोल खोल दी। उन्हें जांच में पता चला कि विजिलेंस की टीम झूठे बिजली चोरी के मुकदमे दर्ज कर अवैध वसूली कर रही है।

ADM द्वारा जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी गई गोपनीय रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि विजिलेंस टीम का एक चालक वर्षों से टीम की गाड़ी चलाने के साथ-साथ अवैध वसूली में भी सक्रिय था। टीम द्वारा सुनियोजित तरीके से झूठे मुकदमे दर्ज करवाए जा रहे थे, ताकि लोगों से पैसे ऐंठे जा सकें।

जिलाधिकारी ने इस रिपोर्ट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चालक सहित सात विजिलेंस कर्मियों के विरुद्ध शासन को रिपोर्ट भेज दी है। इस कदम से जिले में प्रशासन की साख बढ़ी है और ADM अरविंद कुमार को आम जनता के बीच एक ईमानदार और जमीनी अधिकारी के रूप में देखा जा रहा है।

ADM की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रशासन चाहे तो व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकती है। लोअर-टीशर्ट, गमछा और किसान की पहचान में छिपे एक कर्मठ ADM की यह कहानी अब प्रेरणा बन चुकी है।

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