बेंच के छेद में फंसी 7 साल की बच्ची की उंगलियां, 6 घंटे तक तड़पती रही, फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाला

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7-year-old girl fingers got stuck

Noida: नोएडा में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सेक्टर-53 स्थित कंचनजंगा मार्केट के पीछे सेंट्रल पार्क में खेल-खेल में बच्ची की जान पर बन आई। पार्क में खेलते समय सात साल की बच्ची की दोनों हाथों की उंगलियां पार्क में लगी स्टील के बेंच में बने छेद में डाल दिया। बच्ची की उंगलियां छेद से बाहर निकालने काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उंगलियां निकल पाई। तब जाकर फायर ब्रिगेड, पुलिस और अस्पताल के साथ परिवार ने राहत की सांस ली।

कंचनजंगा मार्केट के पीछे पार्क की घटना
दरअसल, सेक्टर 53 में कंचनजंगा मार्केट के पीछे पार्क में मंगलवार की शाम को बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान पार्क में लगी बेंच में  7 साल की अंशिका ने खेल-खेल में दोनों हाथ की उंगलियां डाल दीं। दबाव देकर डाली गई उंगलियां छेदों में फंस गईं। बच्ची ने पहले खुद उंगली निकालने की कोशिश की जब नहीं निकला तो रोने लगी। बच्ची के रोने पर आस-पास के लोग वहां जुट गए। लोगों ने अपने स्तर पर बच्ची की उंगलियां बाहर निकालने की काफी कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। खून का फ्लो बंद होने से नीचे फंसी ऊंगलियों में सूजन आती जा रही थी। इस पर तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी गई। 

6 घंटे तक चली मशक्कत
मौके पर पहुंचे मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार की अगुआई में टीम ने बेंच को चारों ओर से काटा। इसके बाद बच्ची को मेटल शीट समेत अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां इलाज उपलब्ध नहीं था। इसके बाद फायर सर्विस टीम द्वारा अपनी रेस्क्यू टूल्स एवं बाहर से आयरन वर्क करने वाले व्यक्तियों को बुलाकर मेटल को छोटे छोटे-टुकड़ों में काटकर बच्ची की उंगलियों को लगभग 06 घंटे की कड़ी मेहनत से बाहर निकाला।

मेटल के छोटे-छोटे टुकड़े करने के बाद मिली सफलता
चीफ फायर आफिसर प्रदीप कुमार ने बताया कि सेक्टर 53 में कंचनजंगा मार्केट के पीछे गेट नंबर 03 के पास पार्क में लगी बेंच में एक बच्ची उम्र उंगली फंसने की सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुंची फायर सर्विस टीम की सूझबूझ से सीट को चारों तरफ से काटकर मेटल शीट सहित बच्ची को गाड़ी में बिठाकर निजी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टर्स द्वारा कोई इलाज न होने के कारण फायर सर्विस टीम पुनः अपनी रेस्क्यू टूल्स एवं बाहर से आयरन वर्क करने वाले व्यक्तियों को बुलाकर दोनों उंगलियों से मेटल को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा, जिसके बाद उंगलियां निकल पाईं।  बच्ची को फर्स्ट एड एवं उपचार देकर अस्पताल से घर सकुशल भेजा गया। फायर बिग्रेड के कार्य की लोग प्रशंसा कर रहे हैं।

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