Noida की सड़कों पर पुरानी गाड़ियों की अब खैर नहीं!

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दिल्ली में 1 जुलाई 2025 से पुराने वाहनों पर रोक लगने के बाद अब नोएडा पुलिस ने भी सख्ती शुरू कर दी गई है।

दिल्ली में 1 जुलाई 2025 से पुराने वाहनों पर रोक लगने के बाद अब नोएडा पुलिस ने भी सख्ती शुरू कर दी गई है। मंगलवार को नोएडा पुलिस ने 10 पेट्रोल और 13 डीजल वाहनों को जब्त कर लिया। ये सभी वाहन तय सीमा से ज्यादा पुराने थे। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए वाहन मालिकों ने तरह-तरह के बहाने बनाए। किसी ने कहा कि उन्हें नियम की जानकारी नहीं थी, तो किसी ने कहा कि वे सालों से यही गाड़ी चला रहे हैं। लेकिन पुलिस ने किसी की एक न सुनी और सभी वाहन सीज कर दिए।

चेकिंग के दौरान पुलिस ने पकड़ाई स्क्रैप की पर्ची

अब ये जब्त वाहन स्क्रैप यानी कबाड़ प्रक्रिया में भेजे जाएंगे। दिल्ली में भी ऐसी ही कार्रवाई हो रही है। कई लोगों को चेकिंग के दौरान स्क्रैप की पर्ची पकड़ा दी गई। एक युवक तो सिर्फ दवा लेने बाइक से दिल्ली गया था, लेकिन उसकी 15 साल पुरानी बाइक जब्त हो गई। मजबूरन उसे पैदल जाना पड़ा। 


इसी तरह से नोएडा के कुलेसरा के रहने वाले अनवर भी मंगलवार को काम से दिल्ली जा रहे थे। जैसे ही उन्होंने चिल्ला बॉर्डर पार किया, पुलिस ने उन्हें रोक लिया। जांच में पता चला कि उनकी डीजल कार 10 साल से ज्यादा पुरानी है। उन्होंने थोड़ी मोहलत मांगी लेकिन पुलिस ने गाड़ी जब्त कर दी और उन्हें स्क्रैप की पर्ची देकर पैदल भेज दिया। बाद में उन्होंने कैब और मेट्रो से सफर कर घर वापसी की। कुछ लोगों ने पुरानी गाड़ी चलाने से बचने के लिए मेट्रो से सफर करना बेहतर समझा।

पुराने वाहनों पर की जा रही सख्ती 

असल में दिल्ली की तर्ज पर नोएडा में भी पुराने वाहनों पर रोक पहले से ही लागू है, लेकिन अब तक इतनी सख्ती नहीं थी। अब ट्रैफिक पुलिस पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है। नियम के अनुसार, 10 साल से ज्यादा पुरानी डीजल गाड़ियां और 15 साल से पुरानी पेट्रोल व सीएनजी गाड़ियां सड़कों पर नहीं चल सकतीं।

आने वाले दिनों में पेट्रोल पंपों पर लगेंगे ANPR कैमरे 

नोएडा पुलिस अब जगह-जगह जांच कर रही है और पुराने वाहनों को पकड़कर जब्त कर रही है। आने वाले महीनों में पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे पेट्रोल भरवाने आए पुराने वाहनों को वहीं रोका जा सकेगा। तब तक पुलिस मैनुअल चेकिंग करेगी।

गौतमबुद्ध नगर में अभी तक कोई स्क्रैप सेंटर नहीं

आरटीओ के मुताबिक, गौतमबुद्ध नगर में करीब 2 लाख से ज्यादा ऐसे वाहन हैं जिनकी तय उम्र सीमा पूरी हो चुकी है। इनमें से 1.7 लाख नॉन-कमर्शल और 30 हजार से ज्यादा कमर्शल वाहन हैं।

ऐसे में बड़ी चिंता की बात तो यह है कि गौतमबुद्ध नगर में अभी तक कोई स्क्रैप सेंटर नहीं है। पुलिस जब इन वाहनों को जब्त करती है, तो उन्हें थाने में खड़ा करना पड़ता है और इसके बाद निस्तारण के लिए लंबी प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। दनकौर में स्क्रैप सेंटर खोलने की योजना थी, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में जब बड़े पैमाने पर वाहन सीज किए जाएंगे, तो उन्हें रखने और स्क्रैप करने के लिए बड़े इंतजाम करने होंगे।

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