Greater Noida: कांवड़ मार्ग पर नहीं दिखेंगे लावारिस पशु, प्रशासन ने कसी नकेल!
कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए गौतमबुद्ध नगर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।
- Rishabh Chhabra
- 02 Jul, 2025
कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए गौतमबुद्ध नगर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब कांवड़ मार्ग पर कोई भी लावारिस गोवंश (गाय, बैल आदि) नजर नहीं आएगा। इसके लिए जिले को पांच क्षेत्रों में बांटकर पांच अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं, जो इन पशुओं को पकड़कर गौशालाओं और आश्रय स्थलों तक पहुंचाएंगी।
पांच हिस्सों में बांटा गया जिला
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार सचान ने बताया कि जिले को दादरी, जेवर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दनकौर के पांच हिस्सों में बांटा गया है। हर क्षेत्र के लिए अलग-अलग अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो इस कार्य को अंजाम देंगे।
इन टीमों में पशु चिकित्साधिकारी, नगर पालिका परिषद, ग्राम पंचायत विभाग और संबंधित प्राधिकरणों के अधिकारी शामिल हैं। इनका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी लावारिस गोवंश कांवड़ यात्रियों के मार्ग में बाधा न बने और न ही किसी दुर्घटना की वजह बने।
कौन सी टीम कहां काम करेगी?
दादरी क्षेत्र:
टीम लीडर: नगर पालिका परिषद दादरी की अधिशासी अधिकारी शालिनी गुप्ता
सहयोग: पशु चिकित्साधिकारी
गोवंश को पहुंचाया जाएगा: दादरी गौ आश्रय स्थल
जेवर क्षेत्र:
टीम लीडर: लोकेश त्यागी और शिव कुमार
गोवंश को भेजा जाएगा: फलैंदा और रबुपुरा स्थित गौ आश्रय स्थलों में
नोएडा क्षेत्र:
टीम लीडर: नोएडा प्राधिकरण के आरके वर्मा, हरीश कुमार, और निशीथ
गोवंश को भेजा जाएगा: वाजीदपुर और सेक्टर-14 की गौशाला
ग्रेटर नोएडा (ग्रेनो):
टीम लीडर: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेतराम और राहुल
गोवंश को भेजा जाएगा: जलपुरा गौ आश्रय स्थल
दनकौर क्षेत्र:
टीम लीडर: प्राधिकरण के चेतराम
गोवंश को भेजा जाएगा: स्थानीय गौशालाओं में
कांवड़ मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और साफ रहे
हर साल कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु सड़कों पर पैदल यात्रा करते हैं। इस दौरान लावारिस गोवंश के कारण दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। कई बार तेज़ी से चल रहे वाहन अचानक सामने आए जानवर से टकरा जाते हैं। इससे श्रद्धालुओं की जान को भी खतरा होता है। इस साल प्रशासन ने पहले ही सतर्कता दिखाते हुए यह सुनिश्चित किया है कि कांवड़ मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और साफ रहे। सभी पशुओं को एकत्र कर उनके लिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा, जिससे यातायात बाधित न हो और श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
प्रशासन का यह प्रयास न सिर्फ कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि लावारिस पशुओं को भी सुरक्षित आश्रय दिलाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। यदि यह व्यवस्था सफल होती है, तो इसे आगे भी स्थायी रूप से लागू किया जा सकता है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






