वृद्ध महिला को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे थे 3.29 करोड़, 3 साइबर अपराधी ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे

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नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने तीन साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार

Noida: नोएडा में रहने वाली वृद्ध महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 3 करोड़ 29 लाख 70 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने वाले  मामले में थाना साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा सूचना के आधार पर शुक्रवार को शातिर साइबर अपराधी दुपिन्दर सिंह उर्फ गिन्नी  और विनय समानिया को दिल्ली और मंदीप निवासा हरिया को नोएडा से गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही 17 लाख रुपये  खाते में फ्रीज कराये गये।

30 जून को दर्ज कराया था मुकदमा
वृद्ध महिला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि लैंडलाइन नम्बर पर कॉल कर अनजान व्यक्ति ने फोन किया और कहा कि उनके आधार कार्ड का उपयोग करते हुए बैंक खाते खोले गये। जिनका प्रयोग जुआ व अवैध हथियार की खरीद करने में किया गया है। वृद्ध महिला गिरफ्तारी का भय दिखाकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 3,29,70,000 रूपये की धोखाधड़ी की गयी थी। 30 जून को थाना साइबर क्राइम पर केस दर्ज कर जांच की गई थी।

कमीशन पर दिया था बैंक अकाउंट
गिरफ्तार साइबर अपराधी दुपिन्दर सिंह उर्फ गिन्नी ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने अपने बैंक खाते को विनय को दे दिया था। जिस पर धोखाधड़ी से संबंधित धनराशि प्राप्त की जाती थी। इस धनराशि का 15 प्रतिशत उसे मिलता था। ठगी के 93 लाख रुपये उसके बैंक खाते में ट्रांसफर हुए है।  वहीं,  विनय समानिया ने बताया कि वह दुपिन्दर सिंह का बैंक खाता, 25 प्रतिशत कमीशन पर अपने अन्य साथियों को दे दिया करता था। मंदीप सिंह ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने अपने बैंक खाते पर धोखाधड़ी की धनराशि मंगाने के लिए 50 हजार रुपये अपने एक साथी से लिये व उसे अपना बैंक खाता दे दिया. उसके खाते में 71 लाख रुपये ट्रांसफर हुए है। 

ठगी से बचने के उपाय
1- साइबर से संबंधित किसी समस्या के लिये साइबर क्राइम हेल्पलाइन नम्बर- 1930 अथवा साइबर क्राइम की वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें। 
2- डिजिटल अरेस्ट- यदि आपके पास कोई व्यक्ति स्वयं को सीबीआई अधिकारी, पुलिस अधिकारी, ED का अधिकारी, नारकोटिक्स विभाग का अधिकारी अथवा इनकम टैक्स का अधिकारी बनकर कॉल करता है, उसके बाद आपको स्काइप/ zoom/  ऐप  डाउनलोड करा कर वीडियो कॉल करने के लिए कहता है और आपका आईडी अवैध मादक पदार्थ के विक्रय में हवाला जैसे कारोबार/ money laaundering/ smuggling/ fake import-export में  संलिप्त पाए जाने की बात कह कर डराता है, आपके विरुद्ध हुई FIR दिखाता है, सुप्रीम कोर्ट का आदेश दिखाता है या कोर्ट सुनवाई करवाता है। तो यह व्यक्ति साइबर अपराधी है आपको डरना या भयभीत नहीं होना है इसकी तुरंत शिकायत अपने निकटवर्ती पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन में करनी है। साइबर अपराधी के कहने पर किसी भी खाते में कोई भी धनराशि ट्रांसफर नहीं करनी है। यदि आप ऐसा करते हैं तो आप साइबर ठगी के शिकार बन सकते हैं।

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