Greater Noida में कूड़ा प्रबंधन में लापरवाही, कंपनी पर गिरी गाज, 42 हजार का लगा जुर्माना

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ग्रेटर नोएडा में कूड़े के सही प्रबंधन में लापरवाही बरतने वालों पर प्राधिकरण की सख्ती जारी है।

ग्रेटर नोएडा में कूड़े के सही प्रबंधन में लापरवाही बरतने वालों पर प्राधिकरण की सख्ती जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नॉलेज पार्क स्थित लोट्स होलसेल प्रा. लि. पर 42 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। टीम ने पाया कि कंपनी बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में आती है, फिर भी वह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट 2016 नियमों के मुताबिक कचरे को प्रोसेस नहीं कर रही थी।


निरीक्षण में सामने आई कई खामियां


स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह ने बताया कि शुक्रवार को टीम ने निरीक्षण किया। जांच में स्पष्ट हुआ कि लोट्स होलसेल ने कूड़े के प्रबंधन के नियमों का पालन नहीं किया। इसके चलते कंपनी पर 42 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही कंपनी को निर्देश दिए गए कि वह तीन कार्य दिवस के भीतर यह जुर्माना जमा करे।


एजली इलेक्ट्रॉनिक्स ने चुकाया शुल्क


इसके अलावा प्राधिकरण ने जानकारी दी कि एजली इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी ने भी इनर्ट वेस्ट उठाने के लिए 36 हजार रुपये का शुल्क जमा कर दिया है। यह शुल्क प्राधिकरण उन बल्क वेस्ट जनरेटरों से वसूल करता है जिनका इनर्ट वेस्ट उठाया जाता है।


स्वच्छता को लेकर प्राधिकरण की अपील


ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने सभी बल्क वेस्ट जनरेटरों को साफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि कूड़े का उचित प्रबंधन किया जाए और नियमों का पालन हो, ताकि शहर को स्वच्छ बनाया जा सके। उन्होंने अपील की कि हर संस्था और कंपनी स्वच्छ ग्रेटर नोएडा अभियान में सहयोग करे।


इस कार्रवाई से साफ है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कूड़ा प्रबंधन को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना जारी रहेगा। प्राधिकरण का लक्ष्य शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाना है।

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