'Changur Baba' केस में चली योगी की 'गदा', गाजियाबाद से मेरठ तक हड़कंप मचा, ये अफसर सस्पेंड!

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उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण जैसे गंभीर मामलों पर योगी सरकार का ज़ीरो टॉलरेंस रवैया एक बार फिर साफ नज़र आया है।

उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण जैसे गंभीर मामलों पर योगी सरकार का ज़ीरो टॉलरेंस रवैया एक बार फिर साफ नज़र आया है। गाजियाबाद के बहुचर्चित ‘छांगुर बाबा धर्मांतरण रैकेट’ में पुलिस विभाग के एक इंस्पेक्टर की संलिप्तता सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान सिद्दीकी को तत्काल सस्पेंड कर दिया।


छांगुर बाबा, असली नाम जमालुद्दीन, पर लंबे समय से जबरन धर्मांतरण कराने के आरोप हैं। अब इस केस की जांच में सामने आया कि इंस्पेक्टर सिद्दीकी ने न सिर्फ रैकेट से सांठगांठ की, बल्कि मेरठ की एक पीड़िता को डराकर केस दबाने की कोशिश भी की। आरोप है कि उसने 2019 में लड़की के अपहरण और धर्मांतरण के मामले में एफआईआर तक दर्ज नहीं की और उल्टा परिवार को धमकाया।


जैसे ही यह जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंची, उन्होंने गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। अब्दुल रहमान सिद्दीकी का निलंबन सिर्फ एक सजा नहीं, बल्कि उन तमाम पुलिस अफसरों के लिए चेतावनी है जो वर्दी में रहकर मजहबी साजिशों का हिस्सा बनते हैं।


इस कार्रवाई की गूंज मेरठ, लखनऊ और दिल्ली तक पहुंची है। अब ये साफ हो गया है कि योगी सरकार धर्म के नाम पर अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगी, चाहे वो कोई बाबा हो या वर्दीधारी अफसर।


योगी आदित्यनाथ खुद इस केस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और साफ कहा है – जो भी इस रैकेट में शामिल होगा, उसकी जगह जेल में होगी। जनता को अब भरोसा है कि छांगुर जैसे बाबा और उनके मददगार जल्द ही कानून के शिकंजे में होंगे।

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