डीएम मेधा रूपम बनी टीचर, प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाया और किया औचक निरीक्षण

top-news
गुणवत्ता सुधारने के दिए निर्देश

Greater Noida:  ग्रेटर नोएडा में जिलाधिकारी डॉ. मेधा रूपम ने शुक्रवार को प्राथमिक विद्यालय मलकपुर एवं प्राथमिक विद्यालय सुत्याना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों का मूल्यांकन किया, बल्कि विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी शैक्षिक प्रगति का भी जायजा लिया।

छात्रों से पूछा गणित और हिंदी का ज्ञान
निरीक्षण के दौरान डीएम ने कक्षा में उपस्थित छात्र-छात्राओं से गणित और हिंदी विषय से संबंधित सवाल पूछे। छात्रों के उत्तरों के आधार पर उन्होंने बच्चों की बुनियादी शिक्षा स्तर को परखा और अध्यापकों को निर्देश दिए कि बच्चों की बुनियादी समझ मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर दिया जोर
डीएम ने विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा सिर्फ उपस्थिति तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और विषय की समझ पर भी बराबर ध्यान देना चाहिए।

बुनियादी सुविधाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान डीएम ने विद्यालय परिसर में स्वच्छता, पेयजल की उपलब्धता, शौचालयों की स्थिति, तथा छात्रों के बैठने की व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की भी जांच की। उन्होंने पाया कि कुछ स्थानों पर सुधार की आवश्यकता है और संबंधित विभागों को तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

यूनिफॉर्म और उपस्थिति पर सख्ती
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी छात्र-छात्राएं निर्धारित विद्यालयी यूनिफॉर्म में ही उपस्थित हों। साथ ही, विद्यालयों में शत-प्रतिशत स्टाफ उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए दो कर्मचारियों का वेतन काटने तथा दो अन्य कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।

मूलभूत ढांचे को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान
डीएम डॉ. मेधा रूपम ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं जैसे साफ-सफाई, पानी, बिजली और शौचालय की व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण ही बच्चों के अच्छे सीखने की नींव रखता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *