गोरखपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा गार्ड ने की आत्महत्या, रायफल से खुद को मारी गोली

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पारिवारिक कलह बताई जा रही वजह

Gorakhpur: गोरखपुर एयरपोर्ट पर गुरुवार को ड्यूटी पर तैनात डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्प्स (DSC) के एक जवान ने अपनी सर्विस रायफल से खुद को गोली मार ली, जिससे मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद एयरपोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है।प्रथम दृष्टया पारिवारिक कलह को इसकी वजह माना जा रहा है।

AK-103 रायफल से खुद को गोली मारी
घटना सुबह करीब चार बजे की है, जब एयरपोर्ट के रनवे क्षेत्र में ड्यूटी पर तैनात जवान जितेन्द्र सिंह (उम्र 49 वर्ष) ने अचानक अपनी AK-103 रायफल से खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनते ही पास में तैनात अन्य सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और स्थिति की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। मेडिकल टीम बुलाई गई, लेकिन तब तक जवान की मृत्यु हो चुकी थी।
बिहार के रहने वाले थे जितेंद्र
जितेन्द्र सिंह मूल रूप से बिहार राज्य के छपरा जिले अंतर्गत मतेर थाना क्षेत्र के अंकोल गांव के निवासी थे। वे भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद डीएससी के माध्यम से गोरखपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात थे और वर्तमान में गोरखपुर के झरना टोला क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहे थे।
सहकर्मियों के अनुसार, जितेन्द्र सिंह बेहद शांत स्वभाव, अनुशासित जीवनशैली और ईमानदार कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे। उनकी आत्महत्या ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। यह मामला गृहकलह या मानसिक तनाव से जुड़ा माना जा रहा है, लेकिन पुलिस इस संबंध में हर पहलू पर जांच कर रही है। पुलिस ने परिजनों को सूचित कर दिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है।
क्या है डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्प्स
पुलिस के अनुसार मामले की जांच की जा रही है और परिजनों से बातचीत के बाद ही वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल किसी सुसाइड नोट की पुष्टि नहीं हुई है।”
 डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्प्स (DSC) के तहत देश के विभिन्न हवाई अड्डों, रक्षा प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण इमारतों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सेना से सेवानिवृत्त जवानों को दी जाती है। जितेन्द्र सिंह भी ऐसे ही सैनिक थे, जो सेवानिवृत्ति के बाद पुनः सेवा में आकर राष्ट्रहित में योगदान दे रहे थे।

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