वंचित बच्चों का भविष्य संवार रहा 'नन्हे परिंदे', नोएडा पुलिस और सामाजिक संस्थाओं का प्रयास ला रहा रंग

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पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह द्वारा सभी बच्चों से प्यार व स्नेह देकर बातचीत की गई।

Noda: 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर "नन्हे परिंदे" कार्यक्रम के अंतर्गत वैकल्पिक शिक्षा से औपचारिक शिक्षा में प्रवेश पाने वाले 200 बच्चों के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन साभागार पुलिस आयुक्त कार्यालय सेक्टर-108 में किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी बच्चों का प्रोत्साहन करते हुए उन्हें पुरस्कार, स्कूल किट, पाठ्य सामग्री व उपहार वितरित किये गये। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह द्वारा सभी बच्चों से प्यार व स्नेह देकर बातचीत की गई। इसके साथ उनके उत्साहवर्धन के लिए स्कूल बैग, लंच बॉक्स और पेन्सिल बॉक्स वितरित किये गये।


बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराया

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि "नन्हे परिंदे" परियोजना इस बात का प्रमाण है कि जब पुलिस, संस्थाएं और समुदाय मिलकर कार्य करते हैं तो बदलाव की एक मजबूत लहर पैदा की जा सकती है। यह पहल नोएडा, ग्रेटर नोएडा के वंचित बच्चों के लिए उज्ज्वल भविष्य की दिशा में निरंतर कदम बढ़ा रही है।

डॉ. निधि पुंधीर (एचसीएल फाउंडेशन) और संजय गुप्ता (निदेशक, चेतना) द्वारा बच्चों के साहस, परिश्रम और लगन की सराहना की गयी। डॉ. निधि पुंधीर और संजय गुप्ता ने कहा कि गौतमबुद्धनगर पुलिस, एचसीएल फाउंडेशन व चेतना संस्था द्वारा सयुंक्त रूप से संचालित नन्हे परिंदे कार्यक्रम के अंतर्गत प्रयास किया जा रहा है कि ऐसे बच्चे जो किन्ही कारणों से शिक्षा ग्रहण करने से वंचित है, उनको अच्छी शिक्षा प्रदान करने के साथ ही सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। जिससे इन बच्चों को गलत दिशा में भटकने से बचाने, अपने सपनों को पूरा करने एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान करने के लिए और अधिक सशक्त बनाया जा सके। नन्हे परिंदे शिक्षा से वंचित बच्चों को एक ऐसा सुरक्षित स्थान प्रदान करता है, जहां उन्हें वैकल्पिक शिक्षा प्रदान करते हुए औपचारिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जाता है।


3,200 से अधिक बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ा

"नन्हे परिंदे" परियोजना वर्ष 2021 में शुरू हुई थी। इस पहल के माध्यम से वंचित व सड़क से जुड़े बच्चों को गैर-औपचारिक शिक्षा, ब्रिज व रेमेडियल कक्षाएं, औपचारिक स्कूलों में दाखिला दिलाना और जीवन कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। जिससे उनमें नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और आत्म-जागरूकता विकसित हो सके। अब तक 3,200 से अधिक बच्चों को इस परियोजना से लाभ मिला है। जिनमें से 1,173 बच्चों का औपचारिक विद्यालयों में सफलतापूर्वक दाखिला कराया गया है। इसके अलावा, 906 जीवन कौशल और नेतृत्व विकास सत्र आयोजित किए जा चुके हैं, जिनसे हजारों बच्चों को प्रेरणा और दिशा मिली है।


शिक्षा और जीवन कौशल से जोड़ते हैं

नन्हे परिंदे परियोजना सीएसआर के तहत एक सफल त्रिपक्षीय मॉडल है। जहां गौतमबुद्धनगर पुलिस, चेतना एनजीओ और एचसीएल फाउंडेशन मिलकर सड़क से जुड़े बच्चों को शिक्षा और जीवन कौशल से जोड़ते हैं। पुलिस और बच्चों के बीच सकारात्मक संबंध बनाते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं, जिससे बच्चे गलत रास्ते पर जाने से बचते हैं।


कांस्टेबल को साइकिल भेंट कर किया सम्मानित

इसके उपरांत एचसीएल के वीसी एसोसिएट्स रजत चन्दौसिया द्वारा 15 किमी व 80 किमी स्पर्धाओं में 2 बार क्षेत्रीय पदक व 3 बार अंतरजनपदीय विजेता महिला कांस्टेबल दीपिका को बधाई देते हुए साइकिल भेंट कर सम्मानित किया गया। दीपिका एक समर्पित पुलिसकर्मी और एक कुशल पेशेवर बाइसाइकिल चालक है। जिनकी बचपन से ही साइकिल चलाने के प्रति गहरी लगन रखती थीं। पुलिस बल में शामिल होने के बाद उन्होंने इस जुनून को फिर से जगाया और नए दृढ़ संकल्प के साथ इसे आगे बढ़ाया है और गौतमबुद्धनगर पुलिस को गौरान्वित किया है।

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