गाड़ी और प्लाट की सुपारी देकर तांत्रिक नरेश की कराई थी हत्या, दोस्त ने पत्नी पर वशीकरण करने का लिया बदला
- Shiv Kumar
- 16 Aug, 2025
Greater Noida: थाना बिसरख पुलिस द्वारा हत्या की घटना का सफल अनावरण करते हुए पांच शातिर बदमाशों को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है। शुक्रवार देर शाम को पुलिस ने प्रेस कांफ्रेस कर समाजसेवी और तांत्रिक नरेश प्रजापति की हत्या का खुलासा किया है। दरअसल, नरेश प्रजापति की 2 अगस्त को हत्या कर शव को थाना नरसैना, जिला बुलन्दशहर की नहर किनारे फेंक दिया गया था। थाना बिसरख पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही थी।
फिल्मी स्टाइल में हुई थी मुठभेड़
इसी बीच थाना बिसरख पुलिस द्वारा मैनुअल इंटेलिजेंस की सहायता से चिपियाना बुजुर्ग के पास चेकिंग की जा रही थी। तभी सामने से एक स्विफ्ट डिजाइर कार तेजी से आती हुई दिखाई दी. जिसे पुलिस टीम द्वारा रुकने का इशारा किया गया तो कार को तेजी से लेकर चिपियाना सुपरकास्ट फैक्ट्री की ओर भागने लगे। फिर दाहिने मुडकर रोजा जलालपुर की ओर भागने लगे। बिसरख पुलिस टीम द्वारा पीछा कर कार की घेराबन्दी की गई तो बदमाशों की कार अनियिन्त्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। स्वयं को घिरता देखकर कार से उतरकर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ की गयी जवाबी फायरिंग में बदमाश नीरज और सुनील गोली लगने से घायल हो गए। जबकि पुलिस टीम द्वारा काम्बिंग के दौरान सौरभ कुमार, प्रवीण शर्मा और प्रवीन मावी को गिरफ्तार किया है।
12 जून से शुरू हुई थी हत्या की प्लानिंग
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि 12 जून को नीरज की अपने भतीजे गौरव के पिलखुवा स्थित मकान का मोटर ठीक करने के दौरान खान उर्फ महराज से मुलाकात हुई थी। खान उर्फ महराज ने नीरज को बताया कि उसका एक दोस्त सुनील निवासी दुजाना थाना बादलपुर है। उसका मित्र प्रवीण शर्मा है। प्रवीण शर्मा की पत्नी को उसी गांव के पूजा पाठ करने वाले तांत्रिक नरेश प्रजापति ने वशीकरण कर दिया है। जिससे प्रवीण की पत्नी उसको छोड़कर चली गयी है। प्रवीण काफी दुखी रहता है और वह नरेश प्रजापति से बदला लेना चाहता है।
100-100 गज का प्लाट और गाड़ी के लालच में की हत्या
प्रवीण शर्मा काफी पैसे वाला है, यदि तुम लोग नरेश प्रजापति को ठिकाने लगा दोगें तो सुनील के माध्यम से प्रवीण शर्मा तुम लोगो को 100-100 गज के प्लाट बनवाकर दे देगा और लग्जरी गाड़ियां भी देगा। इससे नीरज को लालच आ गया और इस बात से नीरज ने अपने साथी सौरभ व उसके भाई को बताया जिस पर वह दोनो भी तैयार हो गये। उसके बाद नीरज, सौरभ व सौरभ का भाई तीनों गौरव के मकान पिलखुवा गये जहाँ पर गौरव के साथ खान उर्फ महराज व सुनील कुमार मिले थे। सुनील कुमार ने इन सबको बताया कि यदि तुम लोग नरेश प्रजापति (मृतक) की हत्या करके उसको ठिकाने लगा सकते हो तो उसके बदले में मेरा मित्र तुमको 100-100 गज के प्लाट तैयार कराकर देगा और लग्जरी गाडियां भी देगा। जिस पर यह सभी लोग, नरेश प्रजापति की हत्या करने को तैयार हो गये।
16 जुलाई को रेकी कर की पहचान
16 जुलाई को नीरज, सौरभ व सौरभ का भाई रोजा जलालपुर में नरेश प्रजापति की दुकान पर गये और नीरज ने वीडियो कॉल करके सुनील प्रजापति को दिखाया जिसको देखकर सुनील ने नरेश प्रजापति की पहचान करायी थी। इन लोगो द्वारा नरेश प्रजापति (मृतक) से पूजा पाठ कराने की बात की। नरेश प्रजापति (नरेश) पूजा पाठ करने के लिये तैयार हो गया था। 24 जुलाई को नीरज, सौरभ व सौरभ का भाई वेवसिटी गये थे जहां पर सुनील, प्रवीण शर्मा के साथ मिला था और प्रवीण ने इन लोगो को पुनः प्लाट व गाड़ी का लालच दिया था। इस बात पर इन लोगो ने भरोसा किया और लालच में आ गये। इसके बाद यह लोग अपने दोस्त प्रवीन मावी निवासी बुलन्दशहर के घर पर गये वहां पर प्रवीन मावी मिला। उसको इन लोगों ने बताया कि नरेश प्रजापति निवासी रोजा जलालपुर नोएडा की हत्या करके छिपाने का काम मिला है, हमारी मदद करो, जिसमें तुम्हारा भी हिस्सा हम लोग तुमको देगें। इस पर प्रवीन मावी भी तैयार हो गया और इन लोगों के साथ उसके गांव के पास में बह रही नहर के पास सुनसान जगह दिखाकर बताया कि यह जगह है. यहां पर लोगो का आना-जाना कम रहता है. यहीं पर लाकर हत्या कर शव को नहर में फेंक देना किसी को कुछ नहीं पता चलेगा।
गांव के बाहर से नरेश प्रजपाति को उठाया था
योजना के मुताबिक नरेश प्रजापति से बात करने के लिये एक सिम का इंतजाम किया गया। इन लोगों ने एक छोटे कीपैड मोबाइल में सिम लगाया। फिर 2 अगस्त को नीरज, सौरभ, सौरभ का भाई तीनों ने स्विफ्ट डिजायर कार से रोजा जलालपुर नरेश प्रजापति के गांव पहुंचे। तभी गांव के बाहर नरेश प्रजापति आता हुआ दिखाई दिया। नरेश प्रजापति को इन लोगों ने अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद सुनसान जगह पाकर नरेश प्रजापति के पहने हुए गमछे से ही उसका का गला घोट दिया। जिससे नरेश प्रजापति बेहोश हो गया और ये लोग अनूपशहर होते हुये प्रवीन मावी द्वारा दिखाये गये स्थान नहर बुलन्दशहर पर पंहुचे। तब तक काफी अंधेरा हो गया था। तब इन लोगो ने नरेश को कार से नीचे उतारा और कार में रखी धारदार लोहे की दरांती से सौरभ ने नरेश के सिर पर कई बार किये। जिससे नरेश प्रजापति की मौके पर मृत्यु हो गयी। इसके बाद नरेश के शव को नहर के कुलावे में फेंक कर छिपा दिया जिसमें काफी झाडियां थी। नरेश के पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो मिले थे, जिसे इन लोगो ने नहर में फेंक दिया था। मोबाइल रास्ते में कहीं अधेंरे में फेंक दिया था।
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