ग्रेटर नएडा के महात्यागी का पत्नी वियोग होगा खत्म, 4 साल बाद स्पेन जाकर परिवार से मिल सकेंगे
विवाह प्रमाण पत्र में नाम की त्रुटि बनी थी सबसे बड़ी दीवार, अब सुधार के बाद खुला रास्ता
- Shiv Kumar
- 30 Aug, 2025
Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के जैतपुर वैश्यपुर निवासी बालक दास महात्यागी का चार साल लंबा इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। अब वे स्पेन में रह रही अपनी पत्नी और बच्चों से मिल पाएंगे। दरअसल, उनके विवाह प्रमाण पत्र में नाम की त्रुटि ने उनके जीवन में ऐसा अवरोध पैदा कर दिया था कि वर्षों तक वे अपने परिवार से मिलने नहीं जा सके। शुक्रवार को जब उन्हें सही नाम वाला विवाह प्रमाण पत्र मिला, तो उनकी आंखों में आंसू थे और वे देर तक उस कागज को निहारते रहे। महात्यागी ने कहा कि जिला प्रशासन की एक छोटी सी गलती ने उन्हें चार साल तक अपनों से दूर कर दिया।
कुंभ मेले में शुरू हुई प्रेम कहानी
महात्यागी ने बताया कि वर्ष 2001 में प्रयागराज कुंभ मेले में उनकी मुलाकात स्पेन की मारिया निवेश अल्वारेज से हुई थी। मारिया शैक्षणिक वीजा पर भारत आई थीं और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से पढ़ाई कर रही थीं। पहली मुलाकात के बाद दोनों के बीच दोस्ती हुई और लंबे समय तक बातचीत चलती रही। धीरे-धीरे यह रिश्ता गहराता गया और दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया। शादी के बाद दंपती के दो बच्चे हुए। कुछ साल तक साथ रहने के बाद मारिया बच्चों के साथ स्पेन लौट गईं, जबकि महात्यागी कामकाज के कारण यहीं रह गए। उन्होंने बाद में स्पेन जाकर परिवार से मिलने की योजना बनाई, लेकिन विवाह प्रमाण पत्र की गलती ने उनके सभी प्रयास विफल कर दिए।
क्या थी गलती?
महात्यागी ने बताया कि वर्ष 2022 में जारी विवाह प्रमाण पत्र में उनके नाम की जगह "बालक दास" की जगह "बकाक दास" लिख दिया गया था। इस एक अक्षर की त्रुटि ने उनका पासपोर्ट और वीजा आवेदन रोक दिया। हर बार जब वे परिवार से मिलने की कोशिश करते, यही गलती आड़े आ जाती। उन्होंने कई बार जिला प्रशासन से सुधार की गुहार लगाई। अंततः शिकायत की जांच के बाद एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने नाम में सुधार कर नया प्रमाण पत्र जारी किया।
अब खुला परिवार से मिलने का रास्ता
बालक दास महात्यागी का कहना है कि प्रशासन द्वारा सुधार कर नया प्रमाण पत्र जारी होने के बाद अब उन्हें स्पेन यात्रा में कोई परेशानी नहीं होगी। वे जल्द ही अपनी पत्नी और बच्चों से मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि चार साल से मैं इस पल का इंतजार कर रहा था। अब उम्मीद है कि जल्दी ही अपने परिवार को गले लगा सकूंगा।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






