नोएडा प्राधिकरण की बड़ी पहल, आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए बनाई ये रणनीति

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उच्चतम न्यायालय के आदेश पर बुलाई गई बैठक

Noida: नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकश एम की अध्यक्षता में  सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक उच्चतम न्यायालय द्वारा स्ट्रे डॉग्स के संबंध में दिए गए आदेशों के अनुपालन को लेकर बुलाई गई थी। बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी  संजय कुमार खत्री, महाप्रबंधक एस.पी. सिंह, महाप्रबंधक  ए.के. अरोड़ा, जन स्वास्थ्य विभाग से इंदु प्रकाश, परियोजना अभियंता गौरव बंसल और आर.के. शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


बिना नसबंदी के कुत्तों की पहचान करने के निर्देश

बैठक के दौरान शहर में बढ़ रही आवारा कुत्तों की समस्या और उससे जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी आरडब्ल्यूए और एडीए को पत्र भेजकर यह सुनिश्चित किया जाए कि वे अपनी सोसायटी और सेक्टर में बिना नसबंदी वाले कुत्तों की जानकारी फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट के रूप में उपलब्ध कराएं। नसबंदी वाले कुत्तों की पहचान उनके कान पर बने वी-नॉच के निशान से आसानी से की जा सकेगी।


दो नए डॉग शेल्टर बनाने का निर्णय 

शहर में काटने वाले, रेबीज ग्रसित और आक्रामक कुत्तों के प्रबंधन के लिए दो नए डॉग शेल्टर बनाए जाने का निर्णय लिया गया। इन शेल्टरों के संचालन के लिए एजेंसी का चयन निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। जब तक ये शेल्टर तैयार नहीं हो जाते, तब तक मौजूदा एजेंसी के सहयोग से ऐसे कुत्तों को पकड़कर एनिमल हॉस्पिटल या अन्य शेल्टर में रखा जाएगा। साथ ही, एक एनजीओ के माध्यम से सेक्टर और ग्राम स्तर पर बेसलाइन सर्वे कराया जाएगा, जिसमें नसबंदी वाले और बिना नसबंदी वाले कुत्तों के साथ काटने वाले तथा आक्रामक कुत्तों का अलग-अलग विवरण दर्ज किया जाएगा।


स्ट्रे डॉग्स से संबंधित शिकायतों के लिए नंबर जारी 

नोएडा प्राधिकरण ने यह भी तय किया कि स्ट्रे डॉग्स से संबंधित शिकायतें और सुझाव कॉल सेंटर नंबर 0120-2425025 पर प्राप्त किए जाएंगे। इसके अलावा, शीघ्र ही एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा ताकि आम लोग अपनी समस्याओं की सूचना आसानी से दे सकें। शहर में स्ट्रे डॉग्स के भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए फीडिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। इसके लिए आरडब्ल्यूए और एडीए के सहयोग से उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाएगा और वर्तमान में संचालित फीडिंग प्वाइंट का सर्वे भी कराया जाएगा। बैठक में यह भी बताया गया कि प्राधिकरण द्वारा पहले से ही दो एजेंसियां स्ट्रे डॉग्स के एंटी रेबीज वैक्सीनेशन का कार्य कर रही हैं। इन एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी कुत्तों का वैक्सीनेशन तय समय-सारणी के अनुसार हो और उसका रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से रखा जाए। 


यमुना के बढ़ते जलस्तर से गौवंश सुरक्षित स्थान पर

बैठक में यमुना नदी के जलस्तर पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि 01 सितम्बर 2025 को ताजे वाला और उपनी कुंड बैराज से तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है, जिसके चलते 2 सितम्बर को यमुना का जलस्तर पुस्ता तक आने की संभावना है। इस संभावित स्थिति को देखते हुए यमुना खादर क्षेत्र में प्राधिकरण द्वारा संचालित सभी गौवंश को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। उन्हें सेक्टर-135 की ग्रीन बेल्ट में स्थानांतरित कर दिया गया है और वहां उनके खान-पान व देखभाल की पूरी व्यवस्था कर दी गई है। 

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