नोएडा के बुुजुर्गों से कब रुकेगी साइबर ठगी? अब रिटायर्ड अधिकारी को 6 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर हड़पे 1.70 करोड़

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लिस अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है जिनमें पैसे जमा कराए गए।

Noida: नोएडा में रहने वाले बुजुर्ग साइबर ठगों के निशाने पर हैं। बुजुर्ग लगातार ठगे जा रहे हैं, इसके बावजूद इसे रोकने के लिए कोई खास कदम उठाए जा रहे हैं। अब साइबर ठगों ने 80 वर्षीय सेवानिवृत्त वाणिज्य विभाग अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट कर जेट एयरवेज के सह-संस्थापक नरेश गोयल के मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाकर 1.70 करोड़ रुपये हड़प लिए। यह रकम छह दिनों में दो बार ट्रांसफर कराई गई। मामला सामने आने के बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है जिनमें पैसे जमा कराए गए।

ऐसे बुजुर्ग को बनाया शिकार
पीड़ित ओमप्रकाश श्रीवास्तव (80), निवासी सेक्टर-62, को 9 सितंबर को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉलर ने आरोप लगाया कि उनके मोबाइल नंबर से लोगों को गाली-गलौज कर परेशान किया जा रहा है। बुजुर्ग ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वह न तो कभी मुंबई गए हैं और न ही किसी तरह का कारोबार करते हैं। इस पर कॉलर ने उन्हें मुंबई पुलिस में दर्ज शिकायत का हवाला देते हुए एक कथित कॉपी भेज दी।

मुंबई पुलिस और सीबीआई का डर दिखाया
ठग ने दबाव बनाते हुए कहा कि क्लियरेंस सर्टिफिकेट लेना होगा और कॉल अचानक मुंबई पुलिस से जोड़ दी गई। वहां एक दूसरा शख्स पुलिस की वर्दी में बैठा दिखाई दिया। उसने दावा किया कि बुजुर्ग का नाम नरेश गोयल के साथ मनी लॉन्ड्रिंग केस में आया है और सीबीआई जांच कर रही है। जल्द ही कथित आईपीएस विजय खन्ना नाम का व्यक्ति वीडियो कॉल पर जुड़ा और एक फर्जी दस्तावेज भेजा, जिसमें लिखा था कि 25 लाख रुपये नरेश गोयल को भेजे गए हैं और इसमें ओमप्रकाश का आधार कार्ड इस्तेमाल हुआ है।

डिजिटल कोर्ट में पेश किया
ठगों ने धमकी दी कि उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इससे घबराकर बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ गई। शातिरों ने उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए “कोर्ट रूम” से जोड़ने का नाटक किया। आरोप है कि मोबाइल पर एक ऐप डाउनलोड कराकर उन्हें फर्जी जज और अधिकारी दिखाए गए। पीड़ित ने बताया कि वीडियो कॉल पर उन्हें कथित जज और जांच अधिकारी की आवाज सुनाई दी, लेकिन चेहरा नहीं दिखा। जज ने कथित जांच अधिकारी से पूछा कि गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई। जवाब मिला कि शिकायतकर्ता बुजुर्ग हैं और अस्वस्थ हैं। इस बीच, ठगों ने धमकी दी कि यदि परिवार को बताया गया तो तुरंत गिरफ्तारी हो जाएगी।

खातों की जांच की जा रही 
लगातार दबाव और डर के बीच बुजुर्ग से दो किस्तों में कुल 1.70 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी साइबर प्रीति यादव ने बताया कि मामले में खातों की जांच की जा रही है। जल्द ही ठगों के नेटवर्क का पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।

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