यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो: ग्रेटर नोएडा के मनीष के प्रोडक्ट खींच रहे सबका ध्यान, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है डिमांड

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हैंडीक्राफ्ट उत्पाद का बेलारूस और ऑस्ट्रेलिया समेत 20 देशों में मांग

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में भारतीय हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े ग्रेटर नोएडा के हबीबपुर गांव के मनीष चंदीला ने अपने स्टाल पर हैंडीक्राफ्ट उत्पादों की प्रदर्शनी लगाकर सबका ध्यान खींचा है। मनीष ने आत्मनिर्भर भारत के आह्वान को अपनाते हुए पढ़ाई के साथ ही हस्तशिल्प के क्षेत्र में कदम रखा। शुरुआत छोटे स्तर से की थी, लेकिन अब उनका कारोबार धीरे-धीरे विदेशों तक फैल चुका है।

90 लोगों को दे रहे रोजगार
मनीष वर्तमान में करीब नब्बे लोगों को रोजगार दे रहे हैं। उनके द्वारा बनाए गए तांबे, पीतल, लकड़ी और कांच से बने किचन के बर्तन विदेशों में विशेष रूप से पसंद किए जा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के कई देशों में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। यूपी ट्रेड शो में बेलारूस के प्रतिनिधियों ने भी उनके उत्पादों की जानकारी ली और भविष्य में व्यापारिक सहयोग की बात कही। विदेशी मेहमान भारतीय कला और हस्तशिल्प में गहरी रुचि दिखा रहे हैं और खरीदारी के प्रति उत्साह भी जता रहे हैं।

सजावटी सामानों की डिमांड ज्यादा 
मनीष का कहना है कि पुराने समय में लकड़ी, पीतल और तांबे के बर्तनों में भोजन बनाने और खाने की परंपरा थी। इन बर्तनों में खाना पकाने से किसी भी तरह का हानिकारक असर नहीं पड़ता, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। यही कारण है कि विदेशों में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। दीपावली के अवसर पर इनसे जुड़े सजावटी सामानों की डिमांड और ज्यादा हो जाती है। मनीष अपने साथियों और युवाओं को भी इस काम से जोड़ने के लिए जागरूक कर रहे हैं।


मिनी आटा चक्की और कोल्डप्रेस आकर्षण का केंद्र
वहीं, ट्रेड शो में तकनीकी उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यहां प्रदर्शित मिनी आटा चक्की और कोल्डप्रेस आयल मशीन घरेलू स्तर पर शुद्ध आटा और तेल बनाने में मददगार साबित हो रही है। मिनी आटा चक्की एक घंटे में लगभग दस किलोग्राम आटा तैयार कर सकती है, जबकि कोल्डप्रेस आयल मशीन एक घंटे में करीब तीन लीटर तेल निकाल सकती है। इन मशीनों से पूरी तरह शुद्ध और बिना मिलावट का आटा व तेल घर पर ही तैयार किया जा सकता है, जिससे लोगों को बाजार में जाने या मिलावट की चिंता करने की जरूरत नहीं रहेगी।

मार्बल डस्ट से बनी प्रतिमाएं प्रदर्शित
इसी शो में भगवान की प्रतिमाओं का भी विशेष आकर्षण देखने को मिल रहा है। निष्ठा नाम की उद्यमी ने अपने स्टाल पर मार्बल डस्ट से बनी प्रतिमाएं प्रदर्शित की हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रतिमाएं बेहद मजबूत और टिकाऊ होती हैं, जिसके कारण इनकी मांग वेस्टइंडीज, ऑस्ट्रेलिया और कई अन्य देशों में लगातार बढ़ रही है। निष्ठा और उनके पति धार्मिक प्रवृत्ति से जुड़े रहे हैं और इसी प्रेरणा से उन्होंने प्रतिमाएं बनाने का काम शुरू किया था। आज उनके बनाए उत्पाद विदेशों में भी लोकप्रिय हो रहे हैं।

 

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