ग्रेटर नोएडा बनेगा लॉजिस्टिक हब, बोड़ाकी और डीएमआईसी टाउनशिप में काम शुरू

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परियोजना के विकास के लिए एक निजी कंपनी को 45 वर्ष की अवधि के लिए जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

Greater Noida: दिल्ली-एनसीआर का औद्योगिक चेहरा बदलने जा रहा है। ग्रेनो वेस्ट से सटे बोड़ाकी में जहां लॉजिस्टिक पार्क की योजना आकार ले रही है, वहीं डीएमआईसी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब पर भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने काम शुरू कर दिया है। यह परियोजना केंद्र सरकार के सहयोग से भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत विकसित की जा रही है और इसे लगभग 800 एकड़ भूमि में तैयार किया जाएगा।

निजी कंपनी करेगी विकास, 6000 करोड़ का निवेश
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि यह लॉजिस्टिक हब नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के जिलों के उद्योगपतियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। यहां से माल की ढुलाई और वितरण की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज और सुगम हो जाएगी। परियोजना के विकास के लिए एक निजी कंपनी को 45 वर्ष की अवधि के लिए जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया जा चुका है। प्रोजेक्ट को दो से तीन चरणों में पूरा करने की योजना है और इसमें कंपनी करीब 6000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

प्राधिकरण खर्च करेगा 2000 करोड़ रुपये
लॉजिस्टिक हब के लिए आवश्यक सड़क, बिजली, जलापूर्ति और अन्य मूलभूत ढांचे का विकास ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। इस पर लगभग 2000 करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित है। यह निवेश डीएमआईसी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप की एसपीवी (स्पेशल पर्पस व्हीकल) के माध्यम से किया जाएगा। परियोजना का संचालन रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर होगा, जिसके तहत कंपनी अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा एसपीवी के साथ साझा करेगी।

दिल्ली में रेलवे बोर्ड के साथ अहम बैठक
सोमवार को इस परियोजना को लेकर दिल्ली में प्राधिकरण अधिकारियों और रेलवे बोर्ड के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में लॉजिस्टिक हब के डिजाइन, रेलवे कनेक्टिविटी और आवश्यक सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। एसपीवी की निदेशक और एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने कुछ तकनीकी सुझाव दिए हैं, जिन्हें ग्लोबल टेंडर के लिए जारी आरएफपी में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लक्ष्य इस हब को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है ताकि निर्यात कारोबार को गति मिल सके। यहां रेलवे ट्रैक, प्लेटफॉर्म, वेयरहाउस और अन्य आवश्यक ढांचे को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा।

विकास की रफ्तार को मिलेगी नई उड़ान
लॉजिस्टिक पार्क और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब के बन जाने के बाद ग्रेटर नोएडा, नोएडा और यमुना सिटी क्षेत्र माल ढुलाई का प्रमुख केंद्र बन जाएंगे। इससे न केवल औद्योगिक इकाइयों को लाभ मिलेगा बल्कि आसपास ट्रांसपोर्ट, होटल और सर्विस सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा।
न्यू दादरी रेलवे स्टेशन को भी इन परियोजनाओं से जोड़ा जाएगा ताकि भविष्य में यात्री और माल परिवहन दोनों के लिए सीधा आवागमन संभव हो सके।

ग्रेटर नोएडा बनेगा लॉजिस्टिक हब की पहचान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि उद्योगों के विकास के लिए मजबूत लॉजिस्टिक चेन सबसे बड़ी जरूरत है। बोड़ाकी में बन रहे लॉजिस्टिक पार्क और डीएमआईसी टाउनशिप में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब इस कमी को पूरा करेंगे। इससे आसपास के जिलों को भी बड़ा फायदा मिलेगा और ग्रेटर नोएडा लॉजिस्टिक सुविधाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।”

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