विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, नोएडा में सक्रिय गिरोह ने कई लोगों को बनाया शिकार

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पुलिस सेक्टर-63, फेज-1 और फेज-2 में ऐसे गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी

Noida: गौतमबुद्ध नगर में एक गिरोह सक्रिय है, जो खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये ठग रहा है। ठग अखबारों और ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए बेरोजगार युवकों और कामकाजी लोगों को फंसाते हैं। विदेश में ऊंची सैलरी की नौकरी का लालच देकर मोटी रकम ऐंठ लेते हैं।

कार्यालय बंद कर फरार हो जाते हैं आरोपी
पुलिस के अनुसार, पीड़ितों की शिकायतें मिलते ही कार्रवाई की जाती है, लेकिन तब तक आरोपी दफ्तर बंद कर फरार हो जाते हैं और नए स्थान पर फिर से नेटवर्क सक्रिय कर लेते हैं। पुलिस सेक्टर-63, फेज-1 और फेज-2 में ऐसे गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। डीसीपी यमुना प्रसाद ने बताया कि सभी मामलों की जांच चल रही है और शिकायतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विदेश भेजने के नाम पर 80 हजार की ठगी
बिहार के सारण जिले के नयागांव निवासी इलेक्ट्रीशियन उमेश कुमार शाह एक विज्ञापन के जरिये हरियाणा के फरीदाबाद निवासी धनंजय माझी और रीना ठाकुर के संपर्क में आए। दोनों ने उन्हें विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ₹80,000 वसूल लिए। जब उमेश को विदेश नहीं भेजा गया तो उन्होंने नोएडा सेक्टर-18 स्थित ज्वेल एंटरप्राइजेज के दफ्तर में शिकायत की। आरोपियों ने पासपोर्ट लेकर जल्द समाधान का वादा किया, लेकिन कुछ दिन बाद कार्यालय बंद कर फरार हो गए। इन आरोपियों ने बिहार के रकीम आलम, साहिर हुसैन और वसीम को भी अजरबैजान भेजने के नाम पर ₹1.90 लाख की ठगी की। उमेश ने इस मामले में सेक्टर-20 थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।

लक्ज़मबर्ग नौकरी का झांसा देकर ₹1.70 लाख की ठगी
गाजियाबाद के खोड़ा निवासी पवन कुमार उपाध्याय के बेटे जयशंकर को अगस्त 2024 में सेक्टर-62ए स्थित एक कंपनी के लोगों ने लक्ज़मबर्ग में नौकरी का लालच दिया। आरोपियों ने उससे दो किश्तों में ₹1.70 लाख लिए, लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही पैसे लौटाए। पीड़ित ने बताया कि ये लोग कई अन्य युवकों को भी इसी तरह ठग रहे हैं। इस मामले की शिकायत अपर पुलिस आयुक्त और चौकी प्रभारी से की है।

इस तरह फंसाते हैं शिकार
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य पहले किसी व्यावसायिक इलाके में कार्यालय खोलते हैं और अखबारों या सोशल मीडिया पर विज्ञापन जारी करते हैं कि खाड़ी देशों में फिटर, कुक, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर आदि के लिए भारी संख्या में रिक्तियां हैं। पंजीकरण, साक्षात्कार, मेडिकल जांच, पासपोर्ट व हवाई टिकट के नाम पर प्रति व्यक्ति 80,000 से ₹1 लाख तक वसूलते हैं।  इसके बाद फर्जी साक्षात्कार कराकर हवाई टिकट भी दे दिए जाते हैं। जब उम्मीदवार तय तारीख पर एयरपोर्ट या कार्यालय पहुंचता है, तो पता चलता है कि टिकट नकली हैं और कार्यालय बंद हो चुका है। तब जाकर पीड़ितों को ठगी का एहसास होता है।

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