मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम से जुड़ेगा नोएडा एयरपोर्ट, यात्रियों को आवगमन की मिलेगी बेहतरी सुविधा
जेवर एयरपोर्ट चार माध्यमों से कनेक्टिविटी तैयार
- Shiv Kumar
- 31 Oct, 2025
Greater Noida: जेवर में बनकर तैयार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। देश के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के जल्द शुरू होने की पूरी तैयारी है। एयरपोर्ट को दिल्ली-एनसीआर, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, मेरठ और हरियाणा जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जोड़ने के लिए बहु-माध्यमीय परिवहन नेटवर्क (मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम) तेजी से विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों, पर्यटकों और उद्योगों को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल आवागमन की सुविधा मिलेगी।
सड़क और रेल से होगा सीधा संपर्क
एयरपोर्ट को यमुना एक्सप्रेसवे से सीधा जोड़ा गया है, जबकि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (बल्लभगढ़ लिंक रोड) बनने से हरियाणा और पश्चिम भारत की ओर से पहुंच और आसान होगी। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को भी एयरपोर्ट से जोड़ने का काम अंतिम चरण में है, जिससे गाजियाबाद, मेरठ, पलवल और सोनीपत से भी सीधी पहुंच संभव होगी। औद्योगिक और मालवाहक वाहनों के लिए नॉर्थ और ईस्ट एक्सेस रोड लगभग तैयार हैं। वहीं सेक्टर-28 की 60 मीटर चौड़ी सेवा सड़क को भी यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ा गया है ताकि स्थानीय यातायात में कोई बाधा न आए।
रीजनल रैपिड रेल और हाई-स्पीड कॉरिडोर से भी जुड़ेगा
दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक रीजनल रैपिड रेल परियोजना की डीपीआर को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके अलावा रेल मंत्रालय एयरपोर्ट को चोला-रुंधी रेल लाइन से जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है। दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में भी जेवर स्टेशन का प्रावधान किया गया है, जिससे एयरपोर्ट की राष्ट्रीय कनेक्टिविटी को नई दिशा मिलेगी।
पर्यावरण-अनुकूल परिवहन और बस सेवा नेटवर्क तैयार
एयरपोर्ट को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्रों से जोड़ने के लिए यूपीएसआरटीसी के साथ समझौता किया गया है। उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के साथ अंतरराज्यीय बस सेवाओं की सहमति भी बन चुकी है। तीनों प्राधिकरण मिलकर 500 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करेंगे, जो यात्रियों को हवाई अड्डे तक स्वच्छ और सुविधाजनक यात्रा प्रदान करेंगी।
एनआईए ब्रांडेड कैब और ऐप आधारित टैक्सी सेवाएं
महिंद्रा लॉजिस्टिक्स की ओर से एयरपोर्ट पर एनआईए ब्रांडेड कैब सेवा शुरू की जाएगी। इसके अलावा उबर, रैपिडो, मेक माई ट्रिप और जल्द ही ओला जैसी ऐप-आधारित टैक्सी सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। यात्री मोबाइल ऐप के माध्यम से कैब बुक, किराया देख और रियल-टाइम ट्रैकिंग कर सकेंगे। यात्रियों के लिए कार रेंटल सेवा भी उपलब्ध रहेगी।
उत्तर भारत का नया एविएशन हब
इन सभी आधुनिक कनेक्टिविटी और सेवाओं के साथ, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक विमानन केंद्र बनने जा रहा है। यह देश का पहला ऐसा एयरपोर्ट होगा जो सड़क, रेल, रैपिड रेल और बस, चारों माध्यमों से एकीकृत रूप से जुड़ा होगा।
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