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दंड से न्याय की ओर; नोएडा के 520 पुलिस कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण, अब जनता को करेंगे जागरूक

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गौतमबुद्धनगर पुलिस ने शुरू किया व्यापक जागरूकता कार्यक्रम
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Noida: पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में कमिश्नरेट क्षेत्र में नए आपराधिक कानूनों के संबंध में लोगों और पुलिसकर्मियों को जागरूक करने के लिए ‘दंड से न्याय की ओर’ तहत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 (BSA) की जानकारी पुलिस बल और आमजन दोनों तक पहुचाना है। इसको लेकर 520 पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया।


सेक्टर-108 पुलिस आयुक्त कार्यालय में रिफ्रेशर कोर्स आयोजित

अभियान के तहत 1 नवंबर को पुलिस आयुक्त कार्यालय, सेक्टर-108 नोएडा में एक विशेष रिफ्रेशर कोर्स का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र एवं अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) अजय कुमार ने की। इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) रवि शंकर निम, जिला अभियोजन अधिकारी (जे.डी. अभियोजन) बृजेश कुमार मिश्र, एसपीओ श्री दूधनाथ प्रसाद, एपीओ राजेश कुमार शुक्ल और एपीओ गौरव पांडे भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कुल 520 पुलिस अधिकारी एवं कर्मी शामिल हुए। उन्हें नए आपराधिक कानूनों के मुख्य प्रावधानों, न्याय प्रक्रिया, पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण और तकनीकी साक्ष्यों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि नए कानूनों का मूल उद्देश्य त्वरित, पारदर्शी और नागरिक-हितैषी न्याय व्यवस्था स्थापित करना है।


पुलिसकर्मियों की विधिक समझ को मिलेगी मजबूती

रिफ्रेशर कोर्स के माध्यम से पुलिस बल की विधिक जानकारी में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी। प्रशिक्षकों ने बताया कि इन नए कानूनों की सही समझ से न केवल जांच और विवेचना की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने में भी सहायता मिलेगी। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिसकर्मियों को तकनीकी साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग करना होगा, जिससे जांच प्रक्रिया न्यायोन्मुखी और सटीक बने।


अवेयरनेस वॉरियर्स’ कर रहे हैं आमजन को जागरूक

कमिश्नरेट स्तर पर प्रत्येक थाना क्षेत्र में ‘अवेयरनेस वॉरियर्स’ नामित किए गए हैं। ये ऐसे नागरिक हैं जिन्हें पूर्व में इन कानूनों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया था। अब ये वॉरियर्स विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और सामुदायिक सभाओं में नागरिकों को सरल भाषा में नए कानूनों के प्रमुख प्रावधानों से अवगत करा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी थाने अपनी सीमा में जागरूकता सत्र आयोजित करें, ताकि आमजन अपने अधिकारों और दायित्वों के प्रति सजग हों और नए कानूनों की बारीकियों को समझ सकें।


नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था की दिशा में कदम

भारत सरकार द्वारा लागू किए गए ये तीनों नए कानून “दंड से न्याय की ओर” की भावना पर आधारित हैं। इनका लक्ष्य है न्याय प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और पीड़ित-केंद्रित बनाना, ताकि प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध न्याय मिल सके और कानून पर जनता का विश्वास और मजबूत होगौतमबुद्धनगर पुलिस का यह जागरूकता अभियान केवल पुलिसबल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य पूरे जिले को विधिक रूप से सशक्त समाज के रूप में विकसित करना हैइस तरह के प्रशिक्षण और जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस और जनता के बीच सहयोग की भावना को और अधिक मजबूत किया जा रहा है, ताकि न्याय और सुरक्षा की भावना समाज के हर वर्ग में स्थापित हो सके।

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