नोएडा पुलिस के 7 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, 6 सस्पेंड और एक लाइन हाजिर

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सैंथली हत्याकांड का आरोपी पकड़ना ही नोएडा पुलिस काे पड़ गया भारी

Greater Noida: दीपावली के दिन सैंथली गांव में हुए चाचा-भतीजे के दोहरे हत्याकांड मामले में अलीगढ़ कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे आरोपी सचिन को पकड़ने गई जारचा पुलिस पर कार्रवाई भारी पड़ गई। अदालत में वकीलों के विरोध और हंगामे के बाद पुलिस की कार्रवाई पर कोर्ट ने संज्ञान लिया, जिसके चलते कोतवाली प्रभारी को लाइन हाजिर और छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।


दीपावली पर नाली विवाद में हुई थी दोहरी हत्या

बीते दीपावली के दिन सैंथली गांव में नाली के पानी की निकासी को लेकर हुए विवाद में चाचा अजयपाल भाटी और भतीजे दीपांशु की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात में अजयपाल का आठ वर्षीय पोता और दो पड़ोसी सत्यपाल व राजीव भी गोली लगने से घायल हुए थे।

घटना के बाद पीड़ित परिवार ने प्रिंस भाटी, जितेंद्र, बॉबी तोंगड, मनोज नागर समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मुख्य आरोपी प्रिंस भाटी ने बुलंदशहर कोर्ट में, जबकि उसका साथी मनोज नागर ने गाजियाबाद कोर्ट में सरेंडर किया था।


अलीगढ़ कोर्ट में सरेंडर कराने पहुंची पुलिस

सूत्रों के अनुसार, जारचा पुलिस को सूचना मिली थी कि दो अन्य आरोपी सचिन और बॉबी अलीगढ़ कोर्ट में सरेंडर करने वाले हैं। पुलिस ने अपनी छवि सुधारने के उद्देश्य से दोनों आरोपियों को कोर्ट से पहले गिरफ्तार करने की योजना बनाई और टीम को अलीगढ़ भेजा। वहां पहुंचकर पुलिस ने सचिन को घेरकर पकड़ने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान वकीलों और पुलिस के बीच खींचतान और धक्का-मुक्की हो गई। बताया जा रहा है कि अफरातफरी में पुलिस टीम सचिन को खींचकर ले आई, जबकि बॉबी ने कोर्ट पहुंचकर सरेंडर कर दिया।


वकीलों के विरोध के बाद कोर्ट ने लिया संज्ञान

पुलिस की इस कार्रवाई से अदालत परिसर में मौजूद वकीलों में नाराजगी फैल गई। उन्होंने पुलिस पर आपत्तिजनक व्यवहार का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। मामला अदालत के संज्ञान में आने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की। अलीगढ़ कोर्ट की संज्ञान के बाद जारचा कोतवाली प्रभारी सुमनेश विकल को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके अलावा, एसआई ललित गंगवार, शुभम प्रधान, प्रिंस यादव, गौरव (जारचा कोतवाली) तथा एसआई भारत व हेड कांस्टेबल सोहनवीर (दादरी कोतवाली) को निलंबित किया गया है।


जांच के बाद हुई कार्रवाई

अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि दोहरे हत्याकांड प्रकरण में पुलिस टीम के व्यवहार की जांच की गई थी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी को लाइन हाजिर और छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। जांच में जिम्मेदारी तय होने के बाद कार्रवाई की गई है। किसी भी अधिकारी या कर्मी द्वारा नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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