नोएडा एआरटीओ कार्यालय घेरकर हजारों ऑटो चालकों ने की महापंचायत, इन मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

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मांगें पूरी नहीं होने एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो फिर होगा आंदोलन

Noida: नोएडा सेक्टर-32 स्थित उप संभागीय परिवहन विभाग (एआरटीओ) कार्यालय के बाहर शुक्रवार को चार ऑटो एसोसिएशनों और भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) ने संयुक्त रूप से अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर महापंचायत की। सुबह से शुरू हुआ यह प्रदर्शन देर शाम तक जारी रहा। सैकड़ों ऑटो की मौजूदगी से पूरे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा। आंदोलनकारियों ने एआरटीओ कार्यालय को चारों ओर से घेर लिया, जिससे ट्रैफिक और विभागीय कार्य दिनभर प्रभावित रहे।
8 सूत्रीय मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
महापंचायत की अगुवाई भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के परिवहन मंत्री और गौतमबुद्ध नगर ऑटो यूनियन के अध्यक्ष चौधरी ओमप्रकाश गुर्जर ने की। उन्होंने बताया कि संगठन की आठ प्रमुख मांगें हैं। ई-रिक्शा और ई-ऑटो के नए पंजीकरण पर रोक लगे। निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों के कमर्शियल उपयोग पर सख्त कार्रवाई की जाए। ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा जब्त वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। लाइसेंस, फिटनेस और परमिट प्रक्रियाओं को निजी हाथों में न दिया जाए, ताकि रिश्वतखोरी पर अंकुश लग सके। दिल्ली की तर्ज पर नोएडा में एकल परमिट व्यवस्था लागू की जाए। एआरटीओ की जगह आरटीओ कार्यालय स्थापित किया जाए। शहर में पिक-एंड-ड्रॉप के लिए नए ऑटो स्टैंड बनाए जाएं। परिवहन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई की जाए। ओमप्रकाश गुर्जर ने कहा कि बीते छह महीने से ज्ञापन दिए जा रहे हैं, मगर विभाग केवल आश्वासन दे रहा है। अब हमने स्पष्ट कह दिया है कि अगर एक सप्ताह में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे गौतमबुद्ध नगर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।  

अधिकारियों ने दिया आश्वसन
महापंचायत के दौरान विभाग की ओर से एआरटीओ नंदकुमार, एसीपी ट्रैफिक राजीव गुप्ता और एसीपी द्वितीय स्वतंत्र सिंह मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर प्राइवेट बाइकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने और कमर्शियल गतिविधियों पर निगरानी का आश्वासन दिया। इसके बाद महापंचायत समाप्त की गई। भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बीसी प्रधान ने कहा कि परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। “लाइसेंस बनवाने में 11 हजार रुपये, फिटनेस कराने में 5 हजार रुपये और परमिट नवीनीकरण में 10 से 25 हजार रुपये तक वसूले जाते हैं। कोई भी काम बिना रिश्वत नहीं होता।


कार्यालय के द्वार बंद, कार्य रहे बाधित
प्रदर्शन के दौरान एआरटीओ कार्यालय के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। अधिकारी और कर्मचारी अंदर मौजूद रहे, लेकिन अधिकतर लोग अपने कार्य नहीं करा सके। कई लोग निराश होकर लौट गए, जबकि कुछ लोग अन्य मार्गों से होकर किसी तरह कार्यालय पहुंचे। महापंचायत में प्रमुख रूप से चरण सिंह चौहान, लालबाबू, सतपाल यादव, महेश तंवर, ओमदत्त चौहान, सुधीर ठाकुर, राजकुमार मोनू, हरी अवाना, विजयपाल भाटी, जोगेंद्र चपराना, सुशीला भारती, मनोज शर्मा, हरेन्द्र बैसोया, गोविंद अंबावता, जय सिंह, कुलजीत पाल, अरुण गौतम, अंकुर कश्यप, पुष्पेंद्र पाल, प्रमोद बैसला, आनंद भाटी, अरुण दादा, मनोज यादव, मित्तू दादा, शीशपाल, हरवीर सोलंकी सहित सैकड़ों ऑटो चालक मौजूद रहे।

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