नोएडा में फिर छाई जहरीली हवा, देश का पांचवां सबसे प्रदूषित शहर बना
नोएडा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक। AQI 306 के साथ शहर देश का पांचवां सबसे प्रदूषित बना। CPCB की टीम करेगी निरीक्षण, GRAP-2 के नियमों का पालन नहीं हो रहा।
- Shiv Kumar
- 08 Nov, 2025
नोएडा: शहर में ग्रेप-2 (Graded Response Action Plan) लागू होने के बावजूद नियमों का पालन नहीं हो रहा है। जगह-जगह निर्माण स्थलों पर उड़ती धूल, कचरे के ढेरों में आग लगाना, और पानी का छिड़काव न होना प्रदूषण को बढ़ा रहे हैं। सेक्टर-50, 76, 1, 61 और 21 सहित कई क्षेत्रों में मिट्टी के ढेर और बिना अनुमति चल रहे निर्माण कार्यों की शिकायतें मिली हैं।
CPCB ने दिखाई सख्ती
लगातार बढ़ते प्रदूषण पर अब सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने सख्ती दिखाई है। बोर्ड ने नोएडा की स्थिति पर संज्ञान लेते हुए दो सदस्यीय टीम को निरीक्षण के लिए भेजने का निर्णय लिया है। यह टीम शहर के सबसे प्रदूषित सेक्टरों का सर्वेक्षण कर प्रदूषण के प्रमुख कारणों पर रिपोर्ट तैयार करेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि GRAP-2 के नियमों का सख्ती से पालन नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में नोएडा की वायु गुणवत्ता और बिगड़ सकती है।
GRAP-2 के बावजूद नियमों का उल्लंघन
शहर में ग्रेप-2 (Graded Response Action Plan) लागू होने के बावजूद नियमों का पालन नहीं हो रहा।
निर्माण स्थलों पर उड़ती धूल
कचरे के ढेरों में आग लगाना
पानी का छिड़काव न होना
प्रदूषण के मुख्य कारण बने हुए हैं।
सेक्टर 50, 76, 1, 61 और 21 में मिट्टी के ढेर और चल रहे निर्माण कार्यों की शिकायतें मिली हैं।
अब सीपीसीबी की टीम करेगी जांच
लगातार बढ़ते प्रदूषण पर सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) ने संज्ञान लिया है। CPCB की दो सदस्यीय टीम अब नोएडा के सबसे प्रदूषित इलाकों का निरीक्षण करेगी और प्रदूषण के कारणों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर GRAP-2 के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हवा और ज्यादा जहरीली हो सकती है।
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