नोएडा में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, डिजिटल अरेस्ट और ठगी के लिए बैंक अकाउंट बेचने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार

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selling bank accounts to cyber criminals

Noida: थाना फेस-3 पुलिस ने साइबर अपराध में सहयोग करने वाले एक अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से बैंक खाते खोलकर उन्हें साइबर अपराधियों को बेचते थे, जिनका इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट और अन्य ऑनलाइन ठगी के मामलों में किया जाता था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान वरुण प्रताप सिंह, सार्थक गुप्ता, अर्थव दीक्षित और मोनू यादव के रूप में हुई है।


फर्जी दस्तावेजों से खुलवाते थे अकाउंट

पुलिस ने बताया कि 8 नवंबर 2025 को बीट पुलिसिंग और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के आधार पर एम ब्लॉक के पास स्थित ग्रीन बेल्ट, सेक्टर-66 से सेक्टर-63 की ओर जाने वाले रास्ते से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।  जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों से बैंक में चालू खाते खुलवाते थे और उन्हें साइबर अपराधियों को मोटी रकम में बेच देते थे। इन खातों का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन गेम सट्टेबाजी और अन्य साइबर अपराधों के लिए किया जाता था। मोनू यादव का काम अपने संपर्क रोहित यादव को बैंक खातों की किट यानी चेकबुक, डेबिट कार्ड और सिम कार्ड उपलब्ध कराना था। हर खाते के लिए साठ हजार रुपये की कीमत तय की गई थी। मोनू अपने साथियों वरुण, सार्थक और अर्थव से खाते की जानकारी लेकर रोहित यादव तक पहुंचाता था। जब तक खाता सक्रिय रहता, तब तक प्रतिदिन पचास हजार रुपये तक का भुगतान किया जाता था।


व्हाट्सऐप कॉल और डिसएपियरिंग चैट का करते थे इस्तेमाल

आरोपी ऐसे बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनकी लिमिट पचास लाख रुपये से लेकर पांच करोड़ रुपये तक होती थी ताकि बड़े स्तर पर साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर किया जा सके। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे टेलीग्राम पर लिंक भेजकर ऑनलाइन गेम और सट्टेबाजी में फंसे लोगों से ठगी की रकम उन्हीं खातों में मंगवाते थे, जो उनके कब्जे में थे। इसके लिए वे कोटक बैंक के करंट अकाउंट का इस्तेमाल करते थे, जिसकी लिमिट एक करोड़ रुपये प्रतिदिन थी। सबूत मिटाने के लिए आरोपी व्हाट्सऐप वॉइस कॉल और डिसएपियरिंग चैट का इस्तेमाल करते थे।


साइबर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही पुलिस

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, सात डेबिट कार्ड, एक चेकबुक और सफेद रंग की बलेनो कार (UP84 AM 2186) बरामद की है। आरोपियों के मोबाइल से पूर्व में बेचे गए तीन अन्य बैंक खातों की जानकारी भी मिली है, जिनकी जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों में वरुण प्रताप सिंह (35 वर्ष) निवासी गायत्रीनगर, मैनपुरी, सार्थक गुप्ता (20 वर्ष) निवासी ब्रह्मनान, मैनपुरी, अर्थव दीक्षित (19 वर्ष) निवासी फर्रुखाबाद रोड, मैनपुरी और मोनू यादव (25 वर्ष) निवासी चांदेश्वर रोड, मैनपुरी शामिल हैं। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के अधिकारियों ने बताया कि इन आरोपियों के माध्यम से साइबर अपराधियों तक पहुंच बनाई जा रही है। बरामद खातों की ट्रांजैक्शन डिटेल की जांच के बाद गिरोह के नेटवर्क का और विस्तार से खुलासा होने की संभावना है।

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