चोरों ने बनाई ऐसी मास्टर चाबी, दो मिनट में खुल जाती हर कार, पुलिस ने दबोचा, पूरा मामला जान शॉक्ड हो जाएंगे आप!
- Shiv Kumar
- 04 Jan, 2026
नोएडा: सेक्टर-113 थाना पुलिस ने वाहन चोरी के एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की गई टाटा नेक्सोन कार और उसकी चाबी बरामद की है। यह कार्रवाई लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से की गई। पकड़े गए आरोपी फाइनेंस पर ली गई कारों को सस्ते दामों में बेचने, फिर डुप्लीकेट चाबी और GPS के जरिए दोबारा चोरी कर फर्जी दस्तावेजों से आगे बेचने का खेल कर रहे थे।
फाइनेंस कारों को सस्ते में खरीदकर दोबारा बेचने का खेल
पुलिस के अनुसार 3 जनवरी 2026 को थाना सेक्टर-113 नोएडा में पंजीकृत मुकदमा संख्या 03/25 धारा 303(2) बीएनएस के तहत जांच के दौरान यह खुलासा हुआ। पुलिस टीम ने पर्थला डूब क्षेत्र कब्रिस्तान सर्विस रोड से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान लोकेश नागर, अरुण भारद्वाज और अमित नागर के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि अरुण भारद्वाज फाइनेंस पर सेकेंड हैंड कारों की डीलिंग करता था। वह जानबूझकर कारों की किस्त तुड़वाकर बैंकों से सस्ते सेटलमेंट करवा लेता था, जिससे महंगी गाड़ियां बेहद कम कीमत में उसके हाथ लग जाती थीं। इसके बाद वह इन गाड़ियों को बाजार में बेच देता था।
डुप्लीकेट चाबी और GPS से करवाई जाती थी चोरी
पुलिस ने बताया कि अरुण भारद्वाज कार बेचते समय ही उसकी डुप्लीकेट चाबी बनवा लेता था और गाड़ी में GPS भी लगा देता था। जैसे ही कार किसी ग्राहक को बेची जाती और ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होने से पहले मौका मिलता, वह अपने साथी लोकेश और अमित के जरिए उसी कार को चोरी करवा लेता था। खास बात यह थी कि कार पर फाइनेंस भी चलता रहता था और आरोपी डीलर ग्राहक से पूरी रकम पहले ही वसूल चुका होता था। इसके बाद चोरी की गई कार के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे दोबारा किसी और को बेचने की तैयारी की जाती थी।
तीन आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
गिरफ्तार आरोपियों में लोकेश नागर (36 वर्ष), अरुण भारद्वाज (39 वर्ष) और अमित नागर (24 वर्ष) शामिल हैं। तीनों हरियाणा के फरीदाबाद जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से बिना नंबर प्लेट की ग्रे रंग की टाटा नेक्सोन कार और एक कार चाबी बरामद की है। थाना सेक्टर-113 में आरोपियों के खिलाफ धारा 303(2), 331(4), 317(2), 3(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितनी गाड़ियों के साथ इसी तरह की ठगी की है।
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