ग्रेटर नोएडा में सप्लाई हो रहा पीने के लिए सीवर का पानी, कई लोग हुए बीमार, गंदे पानी की तस्वीर देख दंग रह जाएंगे आप!
- Shiv Kumar
- 07 Jan, 2026
ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 सेक्टर में पीने के पानी की आपूर्ति में सीवर का गंदा पानी मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। दूषित पानी पीने से बच्चों समेत कई लोग बीमार पड़ गए हैं। निवासियों का आरोप है कि पिछले तीन दिनों से लगातार शिकायत के बावजूद प्राधिकरण और संबंधित विभागों ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ा।
तीन दिनों तक शिकायत, नहीं हुई सुनवाई
डेल्टा-1 सेक्टर की आरडब्ल्यूए के उपाध्यक्ष पंकज नागर ने बताया कि पिछले तीन दिनों से घरों में सप्लाई हो रहे पीने के पानी में सीवर का गंदा पानी मिल रहा था। पानी का रंग पीला था और उसमें बदबू भी आ रही थी। इस गंभीर समस्या को लेकर प्राधिकरण में कई बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन किसी भी अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर हालात देखने की जरूरत नहीं समझी। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी इसी तरह की लापरवाही के चलते लोग बीमार पड़े थे और कुछ को अस्पताल में भर्ती तक कराना पड़ा था।
दूषित पानी से बच्चे और बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित
सेक्टर के निवासी विजय सिंह ने बताया कि उनके घर में पिछले तीन दिनों से बेहद गंदा पानी आ रहा था। इसी पानी के इस्तेमाल के बाद उनके बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत हो गई। वहीं रुक्मणी सिंह भाटी ने बताया कि पानी से तेज बदबू आ रही थी और बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, दूषित पानी के कारण कई परिवारों में उल्टी, दस्त, सिरदर्द और बुखार जैसी समस्याएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने निजी अस्पतालों में इलाज भी कराया है। निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते सप्लाई बंद कर जांच की जाती तो हालात इतने गंभीर नहीं होते।
जांच के बाद प्राधिकरण ने माना सीवर मिक्सिंग
मामला तूल पकड़ने के बाद आखिरकार प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सेक्टर में कई जगह गड्ढे खोदकर पाइपलाइन की जांच की और पानी के सैंपल भी लिए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पीने के पानी की लाइन में सीवर लाइन का पानी मिल रहा था। अधिकारियों का कहना है कि जिस पैच में समस्या थी, उसकी पहचान कर ली गई है और उसे ठीक कर दिया गया है। प्राधिकरण के अनुसार यह समस्या एक-दो घरों तक सीमित थी और फिलहाल सभी घरों में पानी की आपूर्ति सामान्य कर दी गई है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक पानी की गुणवत्ता की पूरी तरह से जांच रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक सप्लाई पर भरोसा करना मुश्किल है। निवासियों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो और दूषित पानी की जिम्मेदारी तय करते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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