डेल्टा वन में दूषित पानी की शिकायत पर प्राधिकरण सक्रिय, एसीईओ ने किया मौके का मुआयना
- Shiv Kumar
- 08 Jan, 2026
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर डेल्टा वन में दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायत सामने आने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पूरी तरह हरकत में आ गया है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह स्वयं जल विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सेक्टर के निवासियों और दूषित पानी की शिकायत करने वालों से सीधी बातचीत की। निरीक्षण के दौरान अधिकांश लोगों ने साफ जलापूर्ति होने की बात कही। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि फिलहाल पानी में न तो दुर्गंध है और न ही गंदगी दिखाई दे रही है, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है।
एसीईओ ने निवासियों और आरडब्ल्यूए से की बातचीत
एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने निरीक्षण के दौरान सेक्टर की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने सेक्टर में जलापूर्ति की स्थिति और पूर्व में आई शिकायतों को लेकर विस्तार से चर्चा की। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने भी वर्तमान जलापूर्ति व्यवस्था पर संतोष जताया और कहा कि अब पानी की गुणवत्ता पहले से बेहतर है। एसीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में इस तरह की शिकायत दोबारा न आए, इसके लिए पाइपलाइन और कनेक्शनों की नियमित जांच की जाए। प्राधिकरण की इस सक्रियता से सेक्टर के लोगों में भरोसा बढ़ा है।
पानी के सैंपल लैब भेजे, लीकेज तुरंत दुरुस्त
प्राधिकरण की ओर से दूषित पानी की शिकायत करने वाले घरों से पानी के सैंपल लेकर बुधवार को ही जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। इसके साथ ही निरीक्षण के दौरान जिन दो स्थानों पर पाइपलाइन में लीकेज और कनेक्शन में दिक्कत पाई गई, उन्हें उसी दिन दुरुस्त करा दिया गया। जल विभाग ने निवासियों से अपील की है कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में कहीं भी दूषित जलापूर्ति की समस्या होने पर तुरंत वरिष्ठ प्रबंधक जल (9205691408) और प्रबंधक जल (8937024017) के नंबर पर सूचना दें, ताकि समस्या का शीघ्र समाधान किया जा सके।
पूरे ग्रेटर नोएडा में होगी पानी की रैंडम जांच
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने भी पूरे शहर में पानी की रैंडम जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जल विभाग अब सभी क्षेत्रों से पानी के सैंपल लेकर जांच कराने की तैयारी कर रहा है। जहां प्राधिकरण स्वयं जलापूर्ति करता है, वहां जांच प्राधिकरण कराएगा। वहीं बिल्डर सोसाइटी और आवासीय समितियों में यह जिम्मेदारी प्रबंधन समिति या एओए की होगी, जिन्हें जांच रिपोर्ट जल विभाग में जमा करानी होगी। औद्योगिक, व्यावसायिक, आईटी और संस्थागत क्षेत्रों में भी पानी की गुणवत्ता जांच अनिवार्य की गई है।
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