एसआईआर ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने से राजनीतिक हलचल, लाखों वोट कटने से बदले समीकरण
- Shiv Kumar
- 08 Jan, 2026
उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होते ही गौतमबुद्ध नगर के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सबसे ज्यादा चर्चा नोएडा विधानसभा को लेकर है, जहां विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा प्रत्याशी पंकज सिंह ने 1,81,513 वोट के भारी अंतर से जीत दर्ज की थी, लेकिन अब एसआईआर ड्राफ्ट लिस्ट में इसी विधानसभा से 2,09,050 वोट कटने की जानकारी सामने आई है। यह संख्या जिले की बाकी दोनों विधानसभा सीटों दादरी और जेवर से अधिक है। दादरी में 1,64,157 और जेवर में 74,264 वोट कटे हैं। ऐसे में आने वाले चुनावों पर इसका क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर सभी दलों में मंथन शुरू हो गया है।
नोएडा में सबसे ज्यादा वोट कटे, विपक्ष ने भाजपा पर साधा निशाना
विपक्षी दलों का कहना है कि नोएडा में भाजपा का कोर वोटर शहरी और सोसाइटी क्षेत्रों में रहता है, जहां किराएदारों की संख्या अधिक है। एसआईआर प्रक्रिया में इन्हीं इलाकों के सबसे ज्यादा वोट कटे हैं, जबकि ग्रामीण और मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम वोट कटे हैं। समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता का कहना है कि एसआईआर से भाजपा को सीधा नुकसान हुआ है। उनके मुताबिक, भाजपा को जनरल कास्ट और शहरी वोटरों का ज्यादा समर्थन मिलता है और वही वोट सबसे अधिक कटे हैं। वहीं पीडीए वर्ग का वोटर ग्रामीण क्षेत्रों में है, जहां केवल करीब पांच प्रतिशत वोट कटे हैं। सपा का दावा है कि उसका 80 से 90 प्रतिशत कोर वोट अब भी सुरक्षित है।
लोकसभा चुनाव के आंकड़े भी बने चर्चा का विषय
लोकसभा चुनाव 2024 में गौतमबुद्ध नगर सीट से भाजपा के डॉ. महेश शर्मा ने करीब 5.62 लाख वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। हालांकि अब एसआईआर ड्राफ्ट लिस्ट के अनुसार पूरे जिले में करीब 4.17 लाख वोट कटे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर वोट कटने से आगामी चुनावी गणित पर असर पड़ सकता है। फिलहाल सभी दल अपने-अपने स्तर पर आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे हैं और यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि किस क्षेत्र और किस वर्ग पर इसका ज्यादा प्रभाव पड़ेगा।
भाजपा का दावा: नए वोटरों से और बढ़ेगा जीत का अंतर
भाजपा इस पूरे मामले में पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है। नोएडा महानगर अध्यक्ष महेश चौहान का कहना है कि नोएडा में किराएदार मतदाताओं का प्रतिशत 10 फीसदी से भी कम है। उनके मुताबिक, जितने वोट कटे हैं, उससे कहीं ज्यादा नए वोट जुड़ेंगे। भाजपा का दावा है कि इस बार जीत का मार्जिन और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने एसआईआर फार्म भरा है लेकिन नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं आया है, उन सभी मामलों पर संगठन स्तर पर काम किया जा रहा है।
एसआईआर के बाद मतदाता आंकड़े
एसआईआर ड्राफ्ट लिस्ट के बाद नोएडा में कुल 5,62,032 मतदाता हैं, जिनमें 3,12,007 पुरुष, 2,50,016 महिलाएं और 9 थर्ड जेंडर शामिल हैं। दादरी में 5,62,671 और जेवर में 2,93,499 मतदाता दर्ज किए गए हैं।
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