नोएडा के डियर पार्क को लेकर एक और बड़ा फैसला, अब होने जा रहा ये जरूरी काम!

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नोएडा बायोडायवर्सिटी पार्क में डियर पार्क के पहले फेज को सीईओ की मंजूरी मिल गई है। 8 करोड़ की लागत से बाड़ा, फेंसिंग और सिविल वर्क होगा। यह जिले की पहली सनसेट सफारी बनेगी। यहां अब एक और बड़ा फैसला लिया गया है। यहां एक मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति होगी, जो बीमार हिरनों का इलाज करेंगे। आइए पूरा अपडेट जानते हैं।

नोएडा के बायोडायवर्सिटी पार्क में प्रस्तावित डियर पार्क के निर्माण को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने डियर पार्क के पहले फेज के निर्माण को अंतिम मंजूरी दे दी है। पहले चरण में हिरणों के लिए बाड़ा, फेंसिंग और सिविल वर्क कराया जाएगा, जिस पर करीब 8 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही सलाहकार कंपनी की ओर से मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति भी की जाएगी, जो हिरणों के स्वास्थ्य और उनके अनुकूल वातावरण तैयार करने की जिम्मेदारी संभालेंगे।


प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार आगामी 15 दिनों के भीतर पहले फेज के लिए टेंडर जारी कर दिया जाएगा। सीईओ से फाइनल अप्रूवल मिलने के बाद सबसे पहले हिरणों के बाड़े के निर्माण का टेंडर निकाला जाएगा। इसके बाद हॉर्टिकल्चर और लैंडस्केपिंग से जुड़े काम कराए जाएंगे। टेंडर प्रक्रिया के तहत लो-कॉस्ट कंपनी का चयन किया जाएगा, ताकि तय समय में गुणवत्ता के साथ काम पूरा हो सके।


डिजाइन तैयार, एक साल में पूरा होगा निर्माण
डियर पार्क का पूरा डिजाइन पहले ही तैयार किया जा चुका है। डिजाइन में हिरणों के लिए खुले और सुरक्षित बाड़े, वाटर बॉडी, फेंसिंग, लाइटिंग और ग्रीन एरिया को शामिल किया गया है। प्राधिकरण का दावा है कि टेंडर जारी होने और काम अवॉर्ड होने के बाद एक साल के भीतर डियर पार्क का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। यह पार्क मिनी जू की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिससे लोगों को प्राकृतिक वातावरण में हिरणों को देखने का अनुभव मिलेगा।


मेडिकल ऑफिसर निभाएंगे अहम भूमिका
डियर पार्क में नियुक्त किए जाने वाले मेडिकल ऑफिसर की भूमिका काफी अहम होगी। उनका काम एयरपोर्ट या अन्य स्थानों से रेस्क्यू करके लाए गए हिरणों का मेडिकल परीक्षण करना होगा। इसके अलावा हिरणों के बीमार होने पर उनका इलाज, सलाहकार कंपनी के साथ मिलकर उनके लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना और विदेशी हिरणों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार ढालना भी उनकी जिम्मेदारी होगी।


सनसेट सफारी होगी खास आकर्षण
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि करीब 30 एकड़ में बनने वाले इस डियर पार्क पर कुल लगभग 40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह जिले की पहली सनसेट सफारी होगी। इसमें रात करीब 10 बजे तक लोग स्पेक्ट्रम लाइट की रोशनी में हिरणों और जलीय पक्षियों को देख सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि स्पेक्ट्रम लाइट जानवरों को अंधेरे जैसा अहसास कराएगी, जबकि विजिटर्स को जानवर साफ दिखाई देंगे।


अफ्रीका समेत कई शहरों से लाए जाएंगे हिरण
नोएडा डियर पार्क में कुल 10 प्रजातियों के 132 हिरण लाए जाने की योजना है। इनमें से तीन प्रजातियां अफ्रीका से एक्सपोर्ट की जाएंगी। इसके अलावा कानपुर, हैदराबाद और लखनऊ के चिड़ियाघरों से भी हिरण यहां लाए जाएंगे। प्राधिकरण का कहना है कि नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में इस तरह का कोई डियर पार्क नहीं है, इसलिए यह परियोजना खास महत्व रखती है।

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