इंदौर जैसी घटना रोकने के लिए नोएडा में बनी हाईपावर समिति, पानी की गुणवत्ता पर रहेगी सख्त निगरानी
- Shiv Kumar
- 09 Jan, 2026
इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने जल आपूर्ति व्यवस्था की तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए जल विभाग के अधिकारियों की एक हाईपावर तकनीकी समिति गठित की है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य पाइप लाइनों में रिसाव, जंग लगने जैसी समस्याओं की पहचान करना और जलाशयों व वॉटर एटीएम में आपूर्ति होने वाले पानी की शुद्धता की गहन जांच करना है। समिति अलग-अलग सेक्टरों और इलाकों से पानी के सैंपल लेकर उनकी जांच करेगी और जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंपेगी, ताकि भविष्य में इंदौर जैसी कोई घटना नोएडा में न हो सके।
पाइपलाइन, जलाशय और वॉटर एटीएम की होगी जांच
प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक, हाईपावर तकनीकी समिति जलापूर्ति से जुड़े हर स्तर की जांच करेगी। खासतौर पर पुरानी पाइपलाइनों में हो रहे लीकेज, जंग और क्रॉस कनेक्शन की पहचान की जाएगी। इसके साथ ही सेक्टरों में बने जलाशयों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे वॉटर एटीएम से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता की भी नियमित जांच की जाएगी। सीईओ ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर जहां भी कमी पाई जाएगी, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गंगा जल परियोजना जनवरी 2026 तक पूरी करने के निर्देश
बैठक के दौरान गंगा जल परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सीईओ ने निर्देश दिए कि 80 क्यूसेक गंगा जल परियोजना से जुड़े सभी कार्य जनवरी 2026 तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। इस परियोजना के पूरा होने से नोएडा को शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी। अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क सुधार के लिए बनी विशेष टीम, 15 दिन में प्लान
समीक्षा बैठक में सड़क बुनियादी ढांचे की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मास्टर प्लान रोड-3 के सुधार के लिए एसीईओ वंदना त्रिपाठी और ओएसडी महेंद्र प्रसाद की सदस्यता वाली एक विशेष टीम गठित की गई है। सीईओ के निर्देश पर इस टीम ने शुक्रवार को पूरे स्ट्रेच का अचानक निरीक्षण किया। टीम को 15 दिनों के भीतर सड़क सुधार के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा गया है।
तालाब निर्माण में देरी पर सख्ती, अधिकारियों को चेतावनी
तालाबों के निर्माण कार्य की धीमी गति पर सीईओ ने गहरा असंतोष जताया। उन्होंने साफ कहा कि जल संरक्षण से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। तालाब निर्माण में देरी करने वाले ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
जन स्वास्थ्य अधिकारियों का वेतन रोका गया
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान शहर में फैली गंदगी और सफाई व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई गई। जन स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए मॉडर्न मैकेनाइज्ड मशीनों और नालों की सफाई के लिए मीडियम साइज उपकरण खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही के आरोप में जन स्वास्थ्य विभाग के चार में से तीन सहायक परियोजना अभियंताओं—उमेश चंद, राहुल गुप्ता और सुशील कुमार—को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनका वेतन रोक दिया गया है।
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