ग्रेटर नोएडा में बंद कमरा, दरवाजा खोला तो हर को चौंका, पूरा मामला जान आप भी हो जाएंगे हैरान!

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ग्रेटर नोएडा के जारचा थाने में तैनात दरोगा संजय यादव की लाश मिली है। हार्ट अटैक से मौत की आशंका है। बैठक में न पहुंचने पर दरवाजा तोड़कर शव बरामद किया गया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और जांच शुरू कर दी है।

ग्रेटर नोएडा में पुलिस विभाग को उस समय गहरा झटका लगा, जब जारचा थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर संजय यादव का शव उनके कमरे में मिला। शुरुआती आशंका है कि उनकी मौत हृदय गति रुकने से हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।


सुबह बैठक में नहीं पहुंचे, दरवाजा तोड़कर मिला शव
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दरोगा संजय यादव शनिवार रात नियमित गश्त के बाद सुबह करीब 4 बजे अपने कमरे में सोने चले गए थे। रविवार सुबह 11 बजे थाने में एक बैठक निर्धारित थी, लेकिन जब वे बैठक में नहीं पहुंचे तो सहकर्मियों ने उन्हें फोन किया। कई बार कॉल करने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला, तो थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मी उनके आवास पर पहुंचे। दरवाजा खटखटाने पर भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया, तो संजय यादव अपने बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़े मिले। जांच में पता चला कि उनकी सांसें नहीं चल रही थीं। तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और मौके पर आवश्यक कार्रवाई की गई।


पुलिस महकमे में शोक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
दरोगा संजय यादव की अचानक मौत की खबर फैलते ही पुलिस विभाग में शोक का माहौल बन गया। साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें एक अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी बताया। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


1990 में हुई थी भर्ती, तीन साल बाद होने वाली थी रिटायरमेंट
संजय यादव ने वर्ष 1990 में उत्तर प्रदेश पुलिस में अपनी सेवा की शुरुआत की थी। अगस्त 2025 में उनकी तैनाती जारचा थाने में हुई थी। उनकी सेवानिवृत्ति में केवल तीन वर्ष शेष थे। वह मूल रूप से संभल जिले के निवासी थे और अपने पीछे दो बेटे छोड़ गए हैं। परिवार को जैसे ही घटना की जानकारी दी गई, वे ग्रेटर नोएडा के लिए रवाना हो गए। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि विभाग इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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