नोएडा समेत प्रदेश के 6 जिलों में 12 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी, 4 हजार से ज्यादा का इन्वेस्टमेंट, बदल जाएगी तस्वीर, एक क्लिक में जानें सबकुछ
- Shiv Kumar
- 13 Jan, 2026
उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) ने प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी राहत देते हुए छह जिलों में 12 नई परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन स्वीकृत परियोजनाओं में कुल 4,100.18 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इन प्रोजेक्ट्स के जरिए प्रदेश में कुल 7,147 आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। इन सभी परियोजनाओं को यूपी रेरा की 193वीं प्राधिकरण बैठक में स्वीकृति दी गई है। रेरा की इस मंजूरी को प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जिससे न सिर्फ आवासीय जरूरतें पूरी होंगी बल्कि निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
गौतमबुद्ध नगर और लखनऊ बने निवेश के बड़े केंद्र
मंजूर की गई परियोजनाओं में निवेश के लिहाज से गौतमबुद्ध नगर जिला सबसे आगे रहा है। यहां तीन रियल एस्टेट परियोजनाओं को 2,460.59 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश के साथ मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के अंतर्गत कुल 1,937 आवासीय इकाइयों का निर्माण प्रस्तावित है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में आवासीय विकल्प बढ़ेंगे और यह इलाका निवेशकों के लिए और ज्यादा आकर्षक बनेगा। राज्य की राजधानी लखनऊ में भी रियल एस्टेट गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिला है। यहां पांच परियोजनाओं को 1,091.16 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से कुल 3,569 यूनिट विकसित की जाएंगी, जिनमें 2,964 आवासीय और 605 व्यावसायिक इकाइयां शामिल हैं। इससे लखनऊ में आवासीय जरूरतों के साथ-साथ व्यावसायिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों में भी इजाफा होने की उम्मीद है।
अन्य जिलों में भी आवासीय विकास को रफ्तार
यूपी रेरा की मंजूरी केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही। मथुरा में एक आवासीय परियोजना को 300.81 करोड़ रुपये के निवेश के साथ हरी झंडी दी गई है, जिसके तहत 504 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। आगरा में 201.91 करोड़ रुपये की लागत वाली एक आवासीय परियोजना को मंजूरी मिली है, जिसमें 949 आवासीय यूनिट प्रस्तावित हैं। इसके अलावा वाराणसी में 36.92 करोड़ रुपये की लागत से 80 आवासीय इकाइयों वाली एक परियोजना और झांसी में 8.79 करोड़ रुपये के निवेश से 108 आवासीय यूनिट वाली परियोजना को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं से छोटे और मध्यम शहरों में सुनियोजित आवासीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इन 12 परियोजनाओं में प्रस्तावित 4,100.18 करोड़ रुपये के निवेश से निर्माण कार्य के दौरान और बाद में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही निर्माण सामग्री, परिवहन, इंजीनियरिंग सेवाओं और अन्य सहायक क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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