राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सचिव ने की समीक्षा बैठक, मृतक आश्रितों को 30 लाख की सहायता देने के निर्देश

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राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सचिव राहुल कश्यप ने गौतमबुद्ध नगर में सफाई कर्मियों की सुरक्षा और पुनर्वास को लेकर समीक्षा बैठक की। मैनुअल स्कैवेंजिंग पर रोक लगाने के साथ मृतक आश्रितों को 30 लाख की सहायता देने और नमस्ते योजना के तहत मशीनों से सफाई करवाने पर जोर दिया गया।

ग्रेटर नोएडा में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के सचिव राहुल कश्यप ने मंगलवार को जनपद गौतमबुद्ध नगर का दौरा कर सफाई कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और पुनर्वास से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सेक्टर-63, सेक्टर-37 नोएडा और सेक्टर-150 स्थित लीग्रैंड सोसाइटी में हाल की घटनाओं से जुड़े स्थलों का निरीक्षण किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में हाथ से मैला ढोने का कार्य प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम-2013 के प्रभावी अनुपालन पर जोर दिया गया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में मैनुअल स्कैवेंजिंग न कराई जाए।


सफाई कर्मियों के अधिकारों और 30 लाख की सहायता पर दिया जोर
समीक्षा बैठक के दौरान सचिव राहुल कश्यप ने कहा कि मैनुअल स्कैवेंजिंग निषेध एवं पुनर्वास अधिनियम-2013 केवल कानून नहीं, बल्कि सफाई कर्मियों को गरिमापूर्ण जीवन देने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत सफाई कार्य के दौरान मौत होने पर मृतक के आश्रितों को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का स्पष्ट प्रावधान है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पात्र परिवारों को बिना किसी देरी के यह सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में कार्यरत सभी सफाई एजेंसियां और अनुबंधित कंपनियां अपने कर्मियों के परिवार, उत्तराधिकारी, बीमा, पीएफ और ईएसआई से जुड़ी पूरी जानकारी संबंधित विभागों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


नमस्ते योजना के तहत आधुनिक मशीनों से दिए सफाई के निर्देश
सचिव ने स्पष्ट किया कि सीवर और नालों की सफाई पूरी तरह यांत्रिक माध्यमों से की जाए। इसके लिए भारत सरकार की ‘नमस्ते योजना’ के तहत आधुनिक मशीनों और उपकरणों की खरीद की जा सकती है। उन्होंने नगर निगम, विकास प्राधिकरण, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को पर्याप्त मशीनरी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही सफाई कर्मियों को नियमित रूप से व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण देने और खतरनाक कार्यों से दूर रखने पर जोर दिया गया। सचिव ने सफाई से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 14420 के व्यापक प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए।


स्वास्थ्य जांच, प्रशिक्षण और निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी
बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी नगरीय निकायों में सफाई कर्मियों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएंगे। गंभीर बीमारियों से पीड़ित कर्मियों के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही एजेंसियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि कर्मियों को आधुनिक उपकरणों के सुरक्षित इस्तेमाल, गैस जांच और प्राथमिक उपचार की जानकारी मिल सके। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने भरोसा दिलाया कि सचिव द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और जिला स्तर पर निगरानी समिति के माध्यम से नियमित समीक्षा की जाएगी।


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