ग्रेटर नोएडा में कूड़े का निस्तारण न करने पर दो होटलों को प्रशासन ने सिखाया सबक, लगाया ऐसा जुर्माना कि हाथ जोड़कर बोले- अब न करेंगे गलती!

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ग्रेटर नोएडा में स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्रेटर नोएडा सेक्टर बीटा-2 स्थित बार्बिक्यू नेशन और बरकोस होटल पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल 2016 के तहत 1.04 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग ने स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाते हुए सेक्टर बीटा-2 स्थित दो नामी होटलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को की गई इस कार्रवाई में बार्बिक्यू नेशन और बरकोस होटल पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल 2016 का पालन न करने के आरोप में 52-52 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस तरह दोनों होटलों पर कुल 1.04 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नियमित निरीक्षण के दौरान पाया कि ये दोनों होटल बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में आते हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां कूड़े के पृथक्करण और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की व्यवस्था नहीं की गई थी। प्राधिकरण ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।


निरीक्षण में सामने आई गंभीर लापरवाही
स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने जब होटलों का निरीक्षण किया तो यह स्पष्ट हुआ कि किचन और अन्य हिस्सों से निकलने वाले गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग नहीं किया जा रहा था। इसके साथ ही कूड़े की प्रोसेसिंग और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए निर्धारित मानकों का भी पालन नहीं हो रहा था। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल 2016 के तहत बल्क वेस्ट जनरेटरों को अपने परिसर में ही कचरे का पृथक्करण और निस्तारण करना अनिवार्य है, ताकि पर्यावरण और आसपास की स्वच्छता पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि बार-बार जागरूक करने के बावजूद नियमों की अनदेखी की जा रही थी, जिसके चलते यह कार्रवाई जरूरी हो गई।


नियम न मानने वालों पर आगे भी होगी सख्ती
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) श्रीलक्ष्मी वीएस ने इस कार्रवाई के बाद सभी होटल, रेस्टोरेंट और अन्य बल्क वेस्ट जनरेटरों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि कूड़े का स्रोत पर ही पृथक्करण करना और उसका निर्धारित नियमों के अनुसार निस्तारण करना सभी के लिए अनिवार्य है। एसीईओ ने साफ कहा कि स्वच्छता नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने के लिए सभी प्रतिष्ठानों और नागरिकों का सहयोग जरूरी है। प्राधिकरण का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि शहर में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ाना है।

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