नोएडा पुलिस का बड़ा एक्शन, 12 करोड़ की ठगी करने वाले साइबर क्रिमिनल को तेलंगाना से दबोचा, आरोपी के कारनामे जान माथा पकड़ लेंगे आप!

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ग्रेटर नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 12 करोड़ की ठगी करने वाले चीनी साइबर गिरोह से जुड़े एक आरोपी को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ है।

शेयर मार्केट में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर 12 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को थाना साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी चीनी (चाइनीज) साइबर गिरोह से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। यह कार्रवाई मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर हैदराबाद, तेलंगाना से की गई। थाना साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार, 16 जनवरी 2026 को की गई इस कार्रवाई में आरोपी राजकुमार कुमावत को गिरफ्तार किया गया। आरोपी व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए लोगों को लिंक भेजकर फर्जी निवेश ग्रुप में जोड़ता था और शेयर मार्केट में बड़े मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम देता था।


व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुआ 12 करोड़ की ठगी का खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि वादी ने 3 दिसंबर 2025 को थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में बताया गया था कि साइबर अपराधियों ने व्हाट्सएप और टेलीग्राम के माध्यम से लिंक भेजकर एक निवेश ग्रुप में जोड़ा। ग्रुप में शेयर मार्केट में निवेश कर 35 करोड़ रुपये तक के मुनाफे का लालच दिया गया। भरोसा दिलाने के लिए फर्जी आंकड़े और स्क्रीनशॉट दिखाए गए, जिसके बाद वादी से किस्तों में करीब 12 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी में इस्तेमाल किए गए संदिग्ध बैंक खातों को तुरंत फ्रीज कराया। जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े कई अन्य खातों और डिजिटल लेनदेन की भी जानकारी सामने आई।


फर्जी कंपनी बनाकर बांटे लाखों रुपये
पूछताछ में आरोपी राजकुमार कुमावत ने खुलासा किया कि उसने अपने साथी बुक्का मनोहर के साथ मिलकर “मून ब्लॉसम” नाम की एक फर्जी कंपनी बनवाई थी। इसी कंपनी के नाम पर साइबर फ्रॉड के जरिए करीब 1 करोड़ 22 लाख रुपये प्राप्त किए गए, जिन्हें आपस में बांट लिया गया। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि इस ठगी में उसके अलावा कई अन्य लोग भी शामिल थे। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क से जुड़े 9 आरोपियों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। एनसीआरपी पोर्टल पर इस मामले से जुड़े बैंक खातों को लेकर तमिलनाडु और दिल्ली में भी कुल तीन शिकायतें दर्ज पाई गई हैं, जिनमें करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है।


साइबर पुलिस ने जारी की चेतावनी और सलाह
साइबर क्राइम पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्हाट्सएप या टेलीग्राम लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जरूर जांचें। केवल मान्यता प्राप्त और वैध कंपनियों में ही निवेश करें। किसी भी संदिग्ध निवेश योजना या फ्रॉड की आशंका होने पर तुरंत साइबर क्राइम थाना, हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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