प्रदूषण का कहर: गौतमबुद्ध नगर में स्कूलों की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में, GRAP-4 लागू
- Shiv Kumar
- 20 Jan, 2026
वायु गुणवत्ता में लगातार गिरावट और प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-4 लागू कर दिया है। इसके प्रभाव में गौतमबुद्ध नगर जिले में छात्रों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों की पढ़ाई के तरीके में बदलाव किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी विद्यालयों को नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं।
खतरनाक AQI ने बढ़ाई चिंता
डीआईओएस राजेश कुमार सिंह ने बताया कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) लगातार खतरनाक श्रेणी में बना हुआ है। बढ़ते प्रदूषण के कारण बच्चों में सांस संबंधी दिक्कतें, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है कि बच्चों को लंबे समय तक प्रदूषित वातावरण में स्कूल आने के लिए मजबूर न किया जाए और उनकी पढ़ाई भी प्रभावित न हो।
इन कक्षाओं में लागू होगा हाइब्रिड मोड
जारी आदेश के अनुसार, कक्षा एक से पांच तक के छात्रों के साथ-साथ कक्षा छह से नौवीं और कक्षा ग्यारहवीं तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में कराई जाएगी। इसका मतलब है कि स्कूलों में जहां संभव हो, वहां ऑफलाइन कक्षाएं संचालित होंगी, लेकिन साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई की भी पूरी व्यवस्था रहेगी। छात्र अपनी स्वास्थ्य स्थिति और सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम का चयन कर सकेंगे।
स्कूलों को सख्त निर्देश, आदेश पालन अनिवार्य
प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित करें। जिन विद्यालयों में पहले से ऑनलाइन सिस्टम मौजूद है, उन्हें उसे सक्रिय रखने के लिए कहा गया है। वहीं, अन्य स्कूलों को जल्द से जल्द आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। डीआईओएस ने चेतावनी दी है कि आदेशों का पालन न करने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई की जा सकती है।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि
प्रशासन का कहना है कि प्रदूषण के इस दौर में बच्चों की सुरक्षा सबसे अहम है। हाइब्रिड मोड के जरिए पढ़ाई जारी रखने से न केवल छात्रों की सेहत सुरक्षित रहेगी, बल्कि उनकी पढ़ाई में भी कोई बड़ा व्यवधान नहीं आएगा। हालात की समीक्षा के बाद आगे के फैसले लिए जाएंगे।
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