नोएडा हादसे में इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई, एमजेड विश टाउन का मालिक गिरफ्तार, SIT पर भी आया नया अपडेट!

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ग्रेटर नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की डूबकर मौत मामले में पुलिस ने एमजेड विश टाउन के मालिक अभय सिंह को गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित SIT ने जांच तेज कर दी है और पांच दिन में रिपोर्ट सौंपने की बात कही है।

ग्रेटर नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की डूबकर मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नामजद बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया है। एमजेड विश्टाउन के मालिक अभय सिंह को पुलिस कमिश्नर की टीम ने हिरासत में लिया है। इस मामले में दर्ज एफआईआर में एमजेड विश्टाउन के साथ-साथ लोटस ग्रीन बिल्डर को भी नामजद किया गया था। घटना के बाद से ही प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर हलचल तेज हो गई थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) अब इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।


SIT की नोएडा प्राधिकरण में मैराथन मीटिंग
इंजीनियर की मौत के मामले में गठित SIT की नोएडा प्राधिकरण के अंदर चली बैठक अब समाप्त हो चुकी है। इस बैठक में एडीजी मेरठ जोन ने नोएडा प्राधिकरण, नोएडा पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। एडीजी ने बताया कि जांच के पहले चरण में कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए हैं। करीब दो घंटे तक चली इस पूछताछ में घटना से जुड़े तकनीकी, प्रशासनिक और सुरक्षा से संबंधित बिंदुओं पर सवाल किए गए। SIT को पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है, जिसमें यह तय किया जाएगा कि हादसा किन कारणों से हुआ और इसमें किस स्तर पर लापरवाही बरती गई।


घटनास्थल पर पहुंची SIT, हर एंगल से जांच
नोएडा प्राधिकरण में बैठक के बाद SIT की टीम सीधे घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। एडीजी मेरठ जोन ने साफ किया कि जांच केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मौके की भौतिक स्थिति, सुरक्षा इंतजाम और निर्माण मानकों की भी गहन जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह भी तय किया जाएगा कि हादसा था या लापरवाही का नतीजा। पांच दिन के भीतर जांच के आधार पर जिम्मेदार लोगों को चिन्हित किया जाएगा और जिसकी गलती होगी, उसे स्पष्ट रूप से पॉइंट आउट कर कार्रवाई की जाएगी।


क्या था पूरा मामला
कुछ दिन पहले ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित एक हाउसिंग प्रोजेक्ट के बेसमेंट में पानी भरे होने के दौरान इंजीनियर युवराज मेहता की डूबकर मौत हो गई थी। आरोप है कि साइट पर जलभराव के बावजूद काम कराया जा रहा था और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। बेसमेंट में पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे यह हादसा हुआ। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने एमजेड विश्टाउन और लोटस ग्रीन बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया। अब गिरफ्तारी और जांच के बाद इस केस में और बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।

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