नोएडा में युवराज मेहता मौत केस में एक्शन मोड में एसआईटी, घटना स्थल का किया निरीक्षण, 5 दिन में जारी होगी रिपोर्ट

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इंजीनियर युवराज मेहता की डूबकर मौत के मामले में गठित SIT ने प्राधिकरण में पूछताछ के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया है। ADG मेरठ जोन के मुताबिक पहले फेज की जांच पूरी हो चुकी है और पांच दिनों में रिपोर्ट सौंपकर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

इंजीनियर युवराज मेहता की डूबकर मौत के मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने जांच तेज कर दी है। मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण से SIT की टीम सीधे घटना स्थल पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम का बारीकी से जायजा लिया। इससे पहले नोएडा प्राधिकरण परिसर में करीब दो घंटे तक अधिकारियों से गहन पूछताछ की गई। इस दौरान नोएडा प्राधिकरण, नोएडा पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से आमने-सामने बातचीत कर बयान दर्ज किए गए। SIT की इस सक्रियता से साफ है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। जांच टीम ने मौके की स्थिति, सुरक्षा इंतजाम और उस समय मौजूद हालात से जुड़े सभी बिंदुओं को रिकॉर्ड किया है, ताकि मौत की असली वजह सामने लाई जा सके।


पहले फेज की पूछताछ पूरी, बयान दर्ज
मीटिंग के बाद ADG मेरठ जोन ने बताया कि जांच को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले फेज में नोएडा प्राधिकरण, पुलिस और अन्य विभागों से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ पूरी कर ली गई है और उनके बयान दर्ज किए गए हैं। ADG ने कहा कि SIT हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है, ताकि यह साफ हो सके कि यह हादसा था या किसी तरह की लापरवाही का नतीजा। टीम ने घटना से जुड़े दस्तावेज, रिकॉर्ड और मौके से जुड़ी तकनीकी जानकारियों को भी अपने कब्जे में लिया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में किसी भी स्तर पर कोताही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।


पांच दिन में तय होगी जिम्मेदारी
ADG मेरठ जोन ने स्पष्ट किया कि SIT को पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। इस दौरान यह तय किया जाएगा कि घटना में किसकी गलती थी और किन कारणों से यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि अगर जांच में यह सामने आता है कि यह केवल हादसा नहीं बल्कि लापरवाही का मामला है, तो दोषियों को जल्द ही पॉइंट आउट कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। SIT टीम का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। मुख्यमंत्री द्वारा गठित SIT की इस सख्त कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हलचल है और सभी संबंधित विभाग अलर्ट मोड में नजर आ रहे हैं।

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