नोएडा हादसे में मौत का मामला, बिल्डर का पुराना पत्र वायरल, पूरा मामला जान आप भी कहेंगे- ये तो लापरवाही की हद है!

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युवराज मेहता मौत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। हादसे से साढ़े चार साल पहले बिल्डर ने नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखकर प्लॉट में जलभराव और बड़े हादसे की चेतावनी दी थी। अब एसआईटी लापरवाही की जांच कर रही है।

नोएडा के सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज मेहता की डूबने से हुई मौत के मामले में अब एक पुराना पत्र सामने आने से हड़कंप मच गया है। जिस प्लॉट में पानी भरने के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ, उसी प्लॉट को लेकर करीब साढ़े चार साल पहले बिल्डर की ओर से नोएडा प्राधिकरण को चेतावनी दी गई थी। इसमें बताया गया है कि ड्रेन टूटने की वजह से भूखंड में पानी भर रहा है। इस शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह पत्र 14 मार्च 2022 का बताया जा रहा है, जो फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, Now Noida इस वायरल लेटर की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता। बताया जा रहा है कि यह पत्र अर्थम (WIZTOWN PLANNERS PVT LTD) की ओर से नोएडा प्राधिकरण के तत्कालीन सीईओ को भेजा गया था।


पत्र में प्लॉट में जलभराव और खतरे की दी गई थी जानकारी
वायरल हो रहे इस पत्र में बिल्डर की ओर से प्लॉट नंबर एसी/02, ए-3 में लगातार पानी भरने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पत्र के अनुसार, प्लॉट के दो से तीन स्थानों पर नोएडा प्राधिकरण का सीवर और मेन ड्रेन टूटा हुआ था। इसी वजह से प्लॉट के बेसमेंट में लगातार पानी और सीवरेज भर रहा था। बिल्डर ने साफ तौर पर लिखा था कि पूरा बेसमेंट पानी और सीवरेज की गाद से भर चुका है। यदि ड्रेन लाइन को जल्द ठीक नहीं किया गया, तो यहां किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।


बेरिकेडिंग टूटने और तत्काल कार्रवाई की मांग का जिक्र
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया था कि संभावित खतरे को देखते हुए प्लॉट के आसपास कई जगह बेरिकेडिंग की गई है, लेकिन कई स्थानों पर बेरिकेडिंग टूट चुकी है। इससे क्षेत्र और ज्यादा खतरनाक हो गया है। बिल्डर ने पत्र के जरिए प्राधिकरण से तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की मांग की थी, ताकि इस दुर्घटना संभावित क्षेत्र को सुरक्षित किया जा सके और किसी बड़े हादसे को रोका जा सके। अब युवराज मेहता की मौत के बाद इस पत्र का सामने आना कई सवाल खड़े कर रहा है।


कई विभागों को भेजी गई थी शिकायत, फिर भी नहीं हुआ समाधान
जानकारी के मुताबिक, यह पत्र सिर्फ नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को ही नहीं, बल्कि प्लानिंग विभाग के जनरल मैनेजर, वर्क सर्किल के जनरल मैनेजर, सेक्टर-108 पुलिस कमिश्नरेट और थाना नॉलेज पार्क के एसएचओ को भी भेजा गया था। इसके बावजूद, पत्र में उठाए गए मुद्दों पर समय रहते ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह अब जांच का विषय बन गया है। गौरतलब है कि इस मामले में संबंधित बिल्डर के खिलाफ थाना नॉलेज पार्क में पहले से मुकदमा दर्ज है। अब इस पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रही है। एसआईटी यह भी खंगाल रही है कि अगर पहले से खतरे की जानकारी थी, तो लापरवाही किस स्तर पर हुई और आखिर किसकी चूक के कारण एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी।

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