नोएडा में SIR से छूटे मतदाताओं को भेजे जा रहे नोटिस, 35 जगहों पर हो रही सुनवाई, आप भी हाथ से न जाने दें अंतिम मौका

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गौतम बुद्ध नगर के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता नोटिसों पर सुनवाई शुरू हो गई है। 1.76 लाख मतदाताओं को बुलाया गया है। 35 केंद्रों पर ERO दस्तावेजों की जांच कर मतदाता सूची को अपडेट करेंगे।

गौतम बुद्ध नगर जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों—नोएडा, दादरी और जेवर—में मतदाताओं को भेजे गए नोटिसों पर सुनवाई की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई है। चुनाव आयोग के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है। जिले में इसके लिए कुल 35 स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) रोजाना सुनवाई कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।


35 केंद्रों पर शुरू हुई सुनवाई प्रक्रिया
जिला प्रशासन के अनुसार, नोएडा विधानसभा क्षेत्र में 12, दादरी में 15 और जेवर विधानसभा क्षेत्र में 8 स्थानों पर सुनवाई की व्यवस्था की गई है। हर क्षेत्र में नियुक्त ERO प्रतिदिन औसतन 150 नोटिसों पर सुनवाई करेंगे। जिन मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं, उन्हें निर्धारित तिथि और स्थान पर उपस्थित होकर अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित किया गया है कि सुनवाई केंद्रों पर पर्याप्त स्टाफ और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।


2003 की मतदाता सूची से जुड़ा है मामला
दरअसल, यह पूरा मामला वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जुड़ा हुआ है। जिन मतदाताओं ने उस समय से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई थी, उन्हें अब नोटिस भेजे जा रहे हैं। जिले में ऐसे करीब 1.76 लाख मतदाता हैं, जिनसे संबंधित रिकॉर्ड अधूरे या अस्पष्ट पाए गए हैं। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत इन मतदाताओं की पहचान और पात्रता की दोबारा जांच की जा रही है, ताकि फर्जी या अपात्र नामों को सूची से हटाया जा सके और पात्र मतदाताओं का अधिकार सुरक्षित रहे।


13 दस्तावेजों में से एक लाना अनिवार्य
नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं को सुनवाई के दौरान 13 निर्धारित दस्तावेजों में से किसी एक को साथ लाना अनिवार्य होगा। इनमें आधार कार्ड, राशन कार्ड, बिजली या पानी का बिल, जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज शामिल हैं। ERO इन दस्तावेजों की जांच के बाद निर्णय लेंगे कि संबंधित मतदाता का नाम मतदाता सूची में बना रहेगा या नहीं। प्रशासन ने साफ किया है कि सुनवाई में अनुपस्थित रहने या दस्तावेज प्रस्तुत न करने की स्थिति में संबंधित मतदाता का नाम सूची से हटाया भी जा सकता है।


प्रशासन ने की सहयोग की अपील
जिला प्रशासन और निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे नोटिस को गंभीरता से लें और समय पर सुनवाई में पहुंचकर सहयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। समय पर सहयोग मिलने से भविष्य में चुनाव प्रक्रिया और अधिक निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न कराई जा सकेगी।

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