नोएडा हादसे को लेकर FSL का मुआयना, घटना हुआ सीन रिक्रिएशन, हर एंगल से गहनता से जांच
- Shiv Kumar
- 21 Jan, 2026
सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में जांच अब तकनीकी स्तर पर पहुंच गई है। बुधवार को फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने पूरे घटना स्थल का गहन मुआयना किया। जांच के दौरान करीब 50 मीटर के दायरे को कवर करते हुए हर तकनीकी पहलू की बारीकी से जांच की गई। एफएसएल टीम ने यह समझने की कोशिश की कि किस परिस्थिति में कार बेसमेंट तक पहुंची और हादसा कैसे हुआ।
घटना स्थल का स्टार्टिंग पॉइंट तय कर की गई नपाई
एफएसएल टीम ने सबसे पहले सीन इंची टेप की मदद से घटना स्थल का स्टार्टिंग पॉइंट तय किया। इसके बाद उसी पॉइंट से लेकर उस जगह तक नपाई की गई, जहां युवराज की कार बेसमेंट में घुसी थी। जांच टीम ने यह रिकॉर्ड किया कि कार किस एंगल से आगे बढ़ी और रास्ते में कौन-कौन सी रुकावटें थीं या नहीं थीं। इस दौरान सड़क की स्थिति, ढलान और आसपास की संरचनाओं को भी मापा गया, ताकि हादसे की वजहों को स्पष्ट किया जा सके।
टूटी नाले की दीवार की भी हुई जांच
जांच में उस नाले की दीवार को भी शामिल किया गया, जो हादसे के दौरान टूटी पाई गई थी। एफएसएल टीम ने दीवार की मोटाई, ऊंचाई और निर्माण गुणवत्ता की नपाई की। इसके साथ ही यह भी देखा गया कि क्या दीवार पहले से कमजोर थी या कार के टकराने से टूटी। अधिकारियों का कहना है कि नाले की दीवार की स्थिति हादसे की एक अहम कड़ी हो सकती है।
CCTV नहीं होने पर किया जा रहा टेक्निकल री-क्रिएशन
घटना स्थल पर CCTV कैमरे नहीं लगे होने के कारण एफएसएल टीम तकनीकी तरीके से पूरी घटना का री-क्रिएशन कर रही है। इसमें कार की स्पीड, संभावित ब्रेकिंग पॉइंट और दृश्यता को ध्यान में रखा जा रहा है। टीम यह भी जांच रही है कि अगर मौके पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग या रिफ्लेक्टर होते तो क्या हादसा टल सकता था।
हर एंगल से हो रही है तकनीकी जांच
एफएसएल अधिकारियों के मुताबिक घटना स्थल का हर पहलू तकनीकी रूप से जांचा जा रहा है, ताकि रिपोर्ट में किसी भी तरह की कमी न रह जाए। यह रिपोर्ट आगे की कानूनी कार्रवाई और जिम्मेदारी तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। जांच पूरी होने के बाद एफएसएल अपनी विस्तृत रिपोर्ट संबंधित जांच एजेंसी को सौंपेगी।
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