गलगोटिया यूनिवर्सिटी में छात्रों ने काटा हंगामा, एडमिट कार्ड रोकने को लेकर हुआ पूरा बवाल, जानें क्या-कुछ हुआ?

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ग्रेटर नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी में कम उपस्थिति के कारण प्रवेश पत्र न मिलने पर छात्रों ने हंगामा किया। गेट पर धरना, पुलिस मौके पर पहुंची। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 65 प्रतिशत उपस्थिति नियम का हवाला देते हुए सफाई दी है।

ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी में बुधवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब बड़ी संख्या में छात्रों को आगामी परीक्षाओं के लिए प्रवेश पत्र जारी नहीं किए गए। दनकौर कोतवाली क्षेत्र में स्थित यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर छात्रों ने धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि गुरुवार से परीक्षाएं शुरू होनी हैं, लेकिन अब तक उन्हें एडमिट कार्ड नहीं मिले हैं, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन देर शाम तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।


कम उपस्थिति के नाम पर रोके गए प्रवेश पत्र
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कम उपस्थिति का हवाला देते हुए उनके प्रवेश पत्र रोक दिए हैं। छात्रों के मुताबिक, जिनकी उपस्थिति 65 प्रतिशत से कम है, उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जा रही है। छात्रों ने बताया कि पहले कभी इस तरह की सख्ती नहीं की गई थी और अचानक नियम लागू कर दिया गया। कई छात्रों का कहना है कि वे मेडिकल, पारिवारिक या अन्य कारणों से नियमित रूप से कक्षाएं अटेंड नहीं कर पाए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पहले परीक्षाओं में बैठने का मौका मिलता रहा है। अब अचानक एडमिट कार्ड रोक दिए जाने से हजारों छात्रों की पढ़ाई और करियर पर संकट खड़ा हो गया है।


छात्रों की मांग, 40 प्रतिशत उपस्थिति पर भी मिले परीक्षा की अनुमति
धरने पर बैठे छात्रों की मुख्य मांग है कि जिनकी उपस्थिति 40 प्रतिशत तक है, उन्हें भी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए। छात्रों का कहना है कि वे फीस पूरी जमा कर चुके हैं और परीक्षा से ठीक पहले प्रवेश पत्र रोकना पूरी तरह गलत है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय टालने का रवैया अपना रहा है। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए यूनिवर्सिटी गेट पर यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की।


यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दी सफाई
हंगामे के बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। यूनिवर्सिटी के मीडिया प्रभारी डॉ. राम पांडेय ने बताया कि इस बार उपस्थिति को लेकर नियमों में आंशिक छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होती है, लेकिन इस बार छात्रों को राहत देते हुए इसे 65 प्रतिशत किया गया है। डॉ. पांडेय के अनुसार, जिन छात्रों की उपस्थिति 60 प्रतिशत से कम है, केवल उन्हीं के प्रवेश पत्र रोके गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है और नियमों के दायरे में जो संभव होगा, उस पर विचार किया जाएगा। फिलहाल छात्र समाधान की मांग पर अड़े हुए हैं और मामला तनावपूर्ण बना हुआ है।

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