नोएडा हादसे को लेकर बड़ा एक्शन, नॉलेज पार्क पुलिस ने दो को दबोचा, अन्य की तलाश जारी
- Shiv Kumar
- 22 Jan, 2026
ग्रेटर नोएडा के थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से जुड़े मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से इस मामले में रवि बंसल और सचिन करनवाल को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मुकदमा संख्या 20/2026, धारा 105, 125 और 61(2) बीएनएस के तहत की गई है। पुलिस के अनुसार, युवराज की मौत निर्माणाधीन बिल्डिंग में गंभीर लापरवाही के चलते हुई थी, जिसके बाद यह मामला दर्ज किया गया था।
निर्माणाधीन साइट की लापरवाही से गई थी युवराज की जान
पुलिस के मुताबिक, 16 और 17 जनवरी 2026 की रात युवराज मेहता अपनी कार से थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र में स्थित एक निर्माणाधीन परियोजना के पास पहुंचे थे। यह परियोजना लोटस ग्रीन कंपनी से जुड़ी बताई जा रही है। निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी और प्लॉट में पानी भरा हुआ था। अंधेरा और उचित चेतावनी संकेत न होने के कारण युवराज की कार पानी से भरे प्लॉट में चली गई, जहां डूबने से उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला था।
लोकल इंटेलिजेंस और सर्विलांस से हुई गिरफ्तारी
थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज की और लोकल इंटेलिजेंस के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का सहारा लिया। इसी के आधार पर बुधवार, 22 जनवरी 2026 को दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पहला नाम रवि बंसल पुत्र प्रकाश चंद का है, जो हरियाणा के फरीदाबाद स्थित मंगलम रेजिडेंसी अपार्टमेंट का निवासी है। दूसरा आरोपी सचिन करनवाल पुत्र गोपाल करनवाल है, जो गाजियाबाद के शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2 का रहने वाला है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की भूमिका निर्माण कार्य और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी हुई थी।
पहले ही जेल जा चुका है कंपनी का डायरेक्टर
इस मामले में पुलिस इससे पहले भी एक बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। बेस्टटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अभय कुमार पुत्र विक्रमलाल को 20 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आया है कि निर्माणाधीन साइट पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया और इसी लापरवाही के चलते एक युवा इंजीनियर की जान चली गई। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस घटना में और कौन-कौन जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी शामिल थे।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। युवराज मेहता की मौत ने एक बार फिर निर्माणाधीन परियोजनाओं में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का दावा है कि जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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