नोएडा पहुंचे पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र, UGC के नए नियमों पर सरकार को घेरा, कहा- संविधान के खिलाफ है यह कानून

top-news
पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने नोएडा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर UGC के नए नियमों को संविधान विरोधी बताया। उन्होंने नियमों में बदलाव या तत्काल वापसी की मांग की और कहा कि शिक्षा संस्थानों में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

राजस्थान के पूर्व राज्यपाल और विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष कलराज मिश्र ने UGC के नए नियमों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। नोएडा के सेक्टर-51 स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि UGC के हालिया नियम संविधान की मूल भावना के खिलाफ हैं और इससे शिक्षा संस्थानों में भेदभाव को बढ़ावा मिल सकता है। कलराज मिश्र ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समानता और समरसता को बढ़ाना होता है, लेकिन नए नियम उस दिशा में नहीं जाते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने इसे जाति आधारित और एकतरफा कानून बताते हुए कहा कि ऐसे प्रावधान किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किए जा सकते। उनका मानना है कि बिना सभी पक्षों को सुने और व्यावहारिक असर को समझे बनाए गए नियम शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करेंगे।


UGC के नियमों में बदलाव या तत्काल वापसी की मांग

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कलराज मिश्र ने कहा कि UGC के नए नियमों में या तो व्यापक बदलाव किए जाएं या फिर इन्हें तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई व्यक्ति झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायत करता है, तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, यह नियमों में स्पष्ट क्यों नहीं है। कलराज मिश्र के अनुसार, केवल शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया तय करना काफी नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि गलत शिकायतों से संस्थानों और व्यक्तियों को होने वाले नुकसान को कैसे रोका जाएगा, इस पर भी साफ दिशा-निर्देश हों। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत निवारण समिति में कितने सदस्य होंगे, उनकी योग्यता क्या होगी और समिति किस तरह से काम करेगी, यह सब नियमों में स्पष्ट रूप से तय होना चाहिए।


शिकायत निवारण समिति में सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व जरूरी

कलराज मिश्र ने जोर देकर कहा कि शिकायत निवारण समिति में सभी वर्गों का संतुलित प्रतिनिधित्व होना चाहिए, ताकि किसी भी तरह का पक्षपात न हो। उनका कहना था कि शिक्षा संस्थानों में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए और सभी छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद के सदस्यों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी मुलाकात की है और UGC कानून को वापस लेने की मांग रखी है। परिषद का कहना है कि यदि इन नियमों पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो इसका असर देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक रूप से पड़ेगा। कलराज मिश्र ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेगी और सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित फैसला करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *