नोएडा हादसे को लेकर बिल्डर और उसके साथी को जमानत, 16 जनवरी को बेसमेंट में भरे पानी में डूबने से हुई थी युवराज की मौत

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सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में लोटस ग्रीन के बिल्डर रवि बंसल और सचिन करनवाल को कोर्ट से जमानत मिल गई है। कोर्ट ने जांच में सहयोग और देश न छोड़ने की शर्त दी है।

नोएडा के सेक्टर-150 में निर्माणाधीन बेसमेंट में भरे पानी में डूबकर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में गिरफ्तार लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के बिल्डर रवि बंसल और सचिन करनवाल को कोर्ट से राहत मिल गई है। दोनों आरोपियों को जमानत दे दी गई है। सुनवाई के दौरान बिल्डरों ने कोर्ट में दलील दी कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है और उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने जमानत पर रिहा करने की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने बिल्डरों के अधिवक्ता मनोज भाटी और अभियोजन अधिकारी की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। हालांकि, जमानत देते हुए कोर्ट ने दोनों आरोपियों पर कड़ी शर्तें भी लगाई हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि दोनों आरोपी जांच के दौरान पुलिस को पूरा सहयोग करेंगे और बिना कोर्ट की अनुमति के देश छोड़कर नहीं जाएंगे। कोर्ट का कहना था कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपियों का सहयोग बेहद जरूरी है।


बेसमेंट में डूबने से हुई थी युवराज की मौत
गौरतलब है कि 16 जनवरी की रात सेक्टर-150 स्थित एक निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के बेसमेंट में भरे पानी में डूबने से इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में सामने आया था कि बेसमेंट लंबे समय से पानी से भरा हुआ था और वहां किसी भी तरह के सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। घटना के बाद प्रशासनिक और निर्माण स्तर की लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। युवराज की मौत के बाद पुलिस ने मामले में जांच तेज की और एमजेड विजटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड तथा लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस का आरोप है कि बेसमेंट को सुरक्षित न करना और जलभराव की समस्या को नजरअंदाज करना इस हादसे की बड़ी वजह बनी।


अन्य आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में
इस केस में पुलिस ने एमजेड विजटाउन के बिल्डर अभय कुमार के साथ-साथ लोटस ग्रीन के बिल्डर रवि बंसल और सचिन करनवाल को गिरफ्तार किया था। जहां लोटस ग्रीन के दोनों बिल्डरों को जमानत मिल गई है, वहीं एमजेड विजटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अभय कुमार को अभी राहत नहीं मिली है। मंगलवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने अभय कुमार की न्यायिक हिरासत 2 फरवरी तक बढ़ा दी है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले में एसआईटी की जांच भी चल रही है, जिसमें प्राधिकरण और बिल्डरों की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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