गौतमबुद्धनगर में आपदा प्रबंधन की बैठक, सर्दियों में शीतलहर तो गर्मियों में लू से निपटने के दिए गए निर्देश
- Shiv Kumar
- 31 Jan, 2026
गौतमबुद्धनगर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आपदा प्रबंधन समिति एवं सिटी हीट वेव एक्शन प्लान (CHAP) को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि आपदा कभी भी और किसी भी स्तर पर आ सकती है, इसलिए पहले से तैयारी और विभागीय समन्वय बेहद जरूरी है। बैठक के दौरान अनुपस्थित अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी गई और पिछली बैठकों के अनुपालन की लिखित रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
अनुपस्थित अधिकारियों पर सख्ती, अनुपालन रिपोर्ट तलब
बैठक में तीनों विकास प्राधिकरणों, पुलिस विभाग, मुख्य चिकित्साधिकारी और मुख्य अग्निशमन अधिकारी की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पिछली माह आयोजित बैठक की अनुपालन आख्या उसी दिन रात तक उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य की बैठकों में संबंधित विभागाध्यक्षों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दिसंबर में दिए गए निर्देशों की समीक्षा करते हुए शीतलहर के मद्देनजर राहत और बचाव कार्यों पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि गौतमबुद्धनगर एक औद्योगिक जिला है, जहां बड़ी संख्या में बाहरी श्रमिक रहते हैं, ऐसे में रैन बसेरे, अलाव, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश और उचित तापमान की व्यवस्था प्राथमिकता पर होनी चाहिए।
अग्नि सुरक्षा और सड़क सुरक्षा पर विशेष फोकस
बैठक में सभी विकास प्राधिकरणों को जिले की बहुमंजिला इमारतों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुसार जांच कराने के निर्देश दिए गए। दिसंबर और जनवरी में दिए गए निरीक्षण आदेशों की रिपोर्ट अब तक न मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा के तहत गड्ढों की मरम्मत, डिवाइडर सुधार, रोड मार्किंग, जेब्रा क्रॉसिंग, रेडियम रिफ्लेक्टर और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। नवंबर से लंबित 152 हॉट स्पॉट और 35 ब्लैक स्पॉट पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट को अंतिम अवसर देते हुए प्रस्तुत करने को कहा गया।
हीट वेव एक्शन प्लान और जनजागरूकता पर जोर
सिटी हीट वेव एक्शन प्लान के तहत निर्देश दिए गए कि 20 मार्च 2026 तक जनपद के लिए प्रभावी हीट एक्शन प्लान तैयार कर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजा जाए। इसमें अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक रणनीति, ग्रीन एरिया बढ़ाने, मियावाकी जंगल, जलाशयों के पुनर्जीवन, कूलिंग शेल्टर और जनजागरूकता को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा गौशालाओं में पशुओं के लिए चारा, अलाव और दवाइयों की व्यवस्था, स्कूलों में विद्यार्थियों को ठंड और लू से बचाव की जानकारी देने तथा स्वास्थ्य संस्थानों में 24 घंटे चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को दो दिन के भीतर फोटोग्राफ सहित कार्यवाही रिपोर्ट ईमेल के माध्यम से भेजने के आदेश दिए।
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