इटैहरा 33 केवी सबस्टेशन की बढ़ेगी क्षमता, ग्रेटर नोएडा वेस्ट को मिलेगी बड़ी राहत

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ग्रेटर नोएडा वेस्ट के इटैहरा 33 केवी सबस्टेशन में 10 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है। क्षमता 20 से बढ़कर 30 एमवीए होगी। इससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और मजबूत व भरोसेमंद बनेगी।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले हजारों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। इटैहरा स्थित 33 केवी बिजली सबस्टेशन की क्षमता जल्द ही बढ़ाई जा रही है। यहां 10 एमवीए क्षमता का एक और नया ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है, जिससे सबस्टेशन की कुल क्षमता मौजूदा 20 एमवीए से बढ़कर 30 एमवीए हो जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट के कई सेक्टरों में बिजली आपूर्ति पहले से कहीं अधिक स्थिर और बेहतर हो जाएगी। प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और तय समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।


जलपुरा के 220 केवी सबस्टेशन से जुड़ी लाइन, दो सप्ताह में होगा ऊर्जीकृत
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह और एसीईओ प्रेरणा सिंह ने इटैहरा स्थित 33 केवी बिजलीघर का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों को बताया गया कि जलपुरा स्थित 220 केवी सबस्टेशन से इटैहरा बिजलीघर तक लाइन डालने का काम लगभग पूरा हो चुका है। इस पूरी परियोजना पर करीब 8 करोड़ रुपये की लागत आई है। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि अगले दो सप्ताह के भीतर नए ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत कर दिया जाए, ताकि इसका लाभ जल्द से जल्द आम लोगों तक पहुंच सके। क्षमता बढ़ने के बाद ओवरलोड की समस्या कम होगी और बार-बार होने वाले फॉल्ट व ट्रिपिंग से भी राहत मिलेगी।


ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बिजली आपूर्ति होगी और मजबूत
10 एमवीए अतिरिक्त क्षमता जुड़ने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा। खासकर गर्मियों के दौरान बढ़ने वाली बिजली मांग को देखते हुए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। प्राधिकरण का मानना है कि इस अपग्रेडेशन के बाद नए कनेक्शन देने में भी सहूलियत होगी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सिस्टम ज्यादा मजबूत बनेगा। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ प्रबंधक अश्विनी चतुर्वेदी, प्रबंधक अनोज कुमार आनंद और सहायक प्रबंधक मनोज कुमार भी मौजूद रहे।


ईकोटेक-3 एसटीपी का भी निरीक्षण, सभी पैरामीटर मानकों के अनुरूप
बिजलीघर के निरीक्षण के बाद दोनों एसीईओ ने सेक्टर ईकोटेक-3 स्थित 20 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का भी जायजा लिया। यहां चल रहे संचालन और मेंटेनेंस कार्यों की समीक्षा की गई। शोधित जल के बीओडी, सीओडी, टीएसएस, टीएन और पीएच जैसे सभी महत्वपूर्ण पैरामीटर मानकों के अनुरूप पाए गए। क्लोरिनेशन स्तर भी 5.0 पीपीएम दर्ज किया गया। अधिकारियों ने एसटीपी परिसर में उद्यान और भवन रखरखाव के कार्यों को संतोषजनक बताया और शोधित जल के अधिकतम उपयोग के लिए ठोस योजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस एसटीपी से ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र के साथ हबीबपुर, सुत्याना, जलपुरा, हल्दौनी और कुलेसरा गांव जुड़े हुए हैं, जहां से निकलने वाले सीवरेज का यहीं उपचार किया जाता है।

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