युवराज मौत मामले की आज अदालत में सुनवाई, आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़वाने की होगी कोशिश

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नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में गिरफ्तार बिल्डर कंपनी डायरेक्टर की न्यायिक हिरासत और जमानत याचिका पर आज सुनवाई होगी। पहले दो आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।

नोएडा। इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से जुड़े बहुचर्चित मामले में आज कोर्ट में एक बार फिर अहम सुनवाई होने जा रही है। एमजेड विजटाउन बिल्डर कंपनी के डायरेक्टर अभय कुमार की न्यायिक हिरासत बढ़ाने और उनकी जमानत याचिका पर अदालत फैसला सुन सकती है। इससे पहले 29 जनवरी को हुई सुनवाई में लोटस ग्रीन कंपनी के बिल्डर रवि बंसल और सचिन करनवाल को जमानत मिल चुकी है। इस मामले को लेकर पुलिस जांच लगातार जारी है और बिल्डर कंपनियों की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।


कैसे हुआ हादसा और किन पर दर्ज हुई एफआईआर
पुलिस जांच के अनुसार, सेक्टर-150 स्थित एससी-02 A3 प्लॉट, जो एमजेड विजटाउन बिल्डर के नाम पर दर्ज है, उसी निर्माणाधीन परिसर में युवराज मेहता की कार गिर गई थी। प्लॉट में पानी भरा होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सके और डूबने से उनकी मौत हो गई। बाद में जांच के दौरान पता चला कि यह प्लॉट एक कंसोर्टियम का हिस्सा भी है, जिसके चलते जिम्मेदारी तय करना जटिल हो गया। इसी आधार पर पुलिस ने दूसरी एफआईआर दर्ज कर पांच लोगों को नामजद किया। इनमें से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि दो को अदालत से जमानत मिल चुकी है। आज की सुनवाई को इसी कड़ी में अहम माना जा रहा है।


एक आरोपी फरार, पुलिस तलाश में जुटी
इस मामले में लोटस ग्रीन से जुड़े एक अन्य आरोपी निर्मल सिंह अब भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस की टीमें लगातार उसकी तलाश कर रही हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। दूसरी ओर, जिन आरोपियों को पहले जमानत मिली, उन्होंने कोर्ट में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें झूठा फंसाया गया है और दुर्घटना में उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं थी। अब सबकी नजर आज होने वाली सुनवाई पर है, क्योंकि इससे आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय हो सकती है। मामले ने निर्माणाधीन साइट्स पर सुरक्षा इंतजामों और जिम्मेदारी तय करने के मुद्दे को भी फिर से चर्चा में ला दिया है।

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