ग्रेटर नोएडा में सेक्टर-150 जैसा हादसा, घने कोहरे में नाले में गिरी कार, बाल-बाल बची दो युवकों की जान

top-news
ग्रेटर नोएडा के कासना में घने कोहरे के कारण रास्ता न दिखने से कार नाले में गिर गई, लेकिन पानी कम होने से बड़ा हादसा टल गया। पुलिस और प्राधिकरण ने मौके पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए हैं ताकि भविष्य में दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।

ग्रेटर नोएडा के कासना क्षेत्र में शनिवार देर रात घने कोहरे के कारण एक बड़ा हादसा टल गया, जब रास्ता साफ दिखाई न देने से एक कार सीधे नाले में जा गिरी। गनीमत यह रही कि नाले में पानी का स्तर कम था, जिससे कार में सवार दोनों लोग सुरक्षित बाहर निकल आए। घटना देर रात करीब 3 बजे की बताई जा रही है। कार इटावा निवासी सुनील कुमार और उनके चालक रिजवान चला रहे थे, जो लूक्सर से परी चौक की तरफ जा रहे थे। अचानक कम विजिबिलिटी के कारण चालक मोड़ को पहचान नहीं सका और वाहन अनियंत्रित होकर नाले में गिर गया।


कोहरे के कारण नहीं दिखा 90 डिग्री का मोड़, सीधे नाले में गिरी कार
जानकारी के मुताबिक, कार ओला टैक्सी सेवा से जुड़ी है और इकोटेक-6 स्थित ओप्पो कंपनी की तरफ से भाटी गोल चक्कर की ओर जा रही थी। इसी दौरान घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे सड़क पर दृश्यता बेहद कम हो गई थी। चालक को आगे मौजूद 90 डिग्री का तीखा मोड़ दिखाई नहीं दिया और कार सीधे सड़क किनारे बने नाले में जा गिरी। कार गिरने के बाद सीधी खड़ी हो गई, लेकिन सौभाग्य से नाले में पानी कम और बहाव धीमा था। इस वजह से दोनों सवार तुरंत बाहर निकल आए और किसी को चोट नहीं आई। इसके बाद तुरंत डायल 112 पर सूचना दी गई।


सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची, तुरंत निकलवाई गई कार
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से कार को नाले से बाहर निकलवाया गया। घटना में किसी के घायल न होने से सभी ने राहत की सांस ली। रविवार को जब प्रशासन को घटना की जानकारी मिली तो ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने एहतियात के तौर पर वहां लकड़ी की बल्लियां लगाईं और रिफ्लेक्टर टेप भी चिपकाई ताकि आगे कोई वाहन चालक गलती से उस तरफ न मुड़ जाए। हालांकि बताया जा रहा है कि पहले भी इस स्थान को मिट्टी डालकर सुरक्षित करने की कोशिश की गई थी।


ब्लैक स्पॉट चिन्हित, फिर भी सुरक्षा इंतजामों पर उठ रहे सवाल
गौरतलब है कि सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज की मौत के बाद प्राधिकरण ने कई खतरनाक स्थानों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित कर सुरक्षा उपाय शुरू किए थे। इन जगहों पर रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेत लगाए गए थे ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। हालांकि कासना में हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि अब भी कई स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। लोगों का कहना है कि कोहरे के मौसम में अतिरिक्त सतर्कता और सुरक्षा प्रबंध बेहद जरूरी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *