न्यू नोएडा बसाने के लिए जल्द होगा जमीनों का अधिग्रहण, किसानों से कराया जाएगा एग्रीमेंट, ग्रेनो की तर्ज पर मिलेगा मुआवजा
- Shiv Kumar
- 03 Feb, 2026
ग्रेटर नोएडा। न्यू नोएडा बसाने की दिशा में प्राधिकरण ने अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रस्तावित योजना के तहत करीब 80 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी और किसानों को यमुना एक्सप्रेसवे तथा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तर्ज पर मुआवजा देने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही किसानों और प्राधिकरण के बीच नए समझौता मॉडल पर भी विचार चल रहा है, जिससे जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को विवाद रहित और आसान बनाया जा सके। अधिकारियों के अनुसार अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा।
एग्रीमेंट टू सेल मॉडल से जमीन लेने पर विचार
प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक जमीन अधिग्रहण के लिए एक नए विकल्प पर भी चर्चा चल रही है, जिसमें किसानों के साथ 11 महीने का एग्रीमेंट टू सेल किया जा सकता है। इस मॉडल के तहत किसान पहले अपनी जमीन प्राधिकरण को बेचने के लिए सहमति देगा। यदि किसी कारणवश प्राधिकरण उस जमीन को नहीं लेता, तो किसान बाद में उसे किसी तीसरे पक्ष को बेच सकेगा। इस मॉडल का मकसद किसानों को भरोसा देना और अधिग्रहण प्रक्रिया को आसान बनाना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे किसानों और प्रशासन के बीच टकराव कम होगा और परियोजना समय पर आगे बढ़ सकेगी।
तीन नायाब तहसीलदारों की नियुक्ति, जल्द बनेगा अस्थाई ऑफिस
न्यू नोएडा परियोजना को गति देने के लिए प्रशासनिक ढांचा भी तैयार किया जा रहा है। प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित तीन नायाब तहसीलदारों के नाम शासन स्तर से स्वीकृत हो चुके हैं और जल्द ही उनकी तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही न्यू नोएडा के लिए अस्थाई कार्यालय बनाने की तैयारी भी शुरू हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण और किसानों से संवाद की प्रक्रिया को तेज करने के लिए स्थानीय स्तर पर कार्यालय स्थापित करना जरूरी है। संभव है कि जोखाबाद या सांवली गांव में अस्थाई कार्यालय बनाया जाए, ताकि ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया जा सके।
चार चरणों में विकसित होगा 209 वर्गकिमी का न्यू नोएडा शहर
न्यू नोएडा को लगभग 209.11 वर्ग किलोमीटर यानी 20,911 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाना है। इस विशाल परियोजना को चार चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 2023 से 2027 के बीच 3165 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित होगा, जबकि 2027 से 2032 तक 3798 हेक्टेयर जमीन विकसित की जाएगी। इसके बाद तीसरे चरण में 2032 से 2037 के बीच 5908 हेक्टेयर और अंतिम चरण में 2037 से 2041 तक 8230 हेक्टेयर क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। प्राधिकरण पहले उन गांवों से अधिग्रहण शुरू कर सकता है जो ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और जीटी रोड के आसपास स्थित हैं।
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Pradeep
Thasrana ke liye kya he bhumi adigrhan






