नोएडा में बीटेक इंजीनियरों ने खोली कंपनी, फिर शुरू किया ठगी का धंधा, कॉलोनीवालों को जमकर लूटा, अब पुलिस ने दबोचा

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नोएडा में इंटीरियर डिजाइन के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाली कंपनी के डायरेक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 20 से अधिक लोगों से एडवांस लेकर काम अधूरा छोड़ा गया। चार अन्य आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

नोएडा। घरों और फ्लैटों में इंटीरियर डिजाइनिंग का काम कराने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके चार साथी अब भी फरार हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिसरख निवासी 35 वर्षीय गुड्डू आलम के रूप में हुई है, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर सेक्टर-63 स्थित जी-172 में HOME MASTER PRIVATE LIMITED नाम से कंपनी खोल रखी थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को पेशेवर इंटीरियर डिजाइनर बताकर लोगों से एडवांस रकम लेते थे और बाद में काम अधूरा छोड़ देते थे।


20 से अधिक लोगों से लिया पैसा, काम अधूरा छोड़ किया परेशान
पुलिस के मुताबिक गाजियाबाद निवासी राजेश खंडेलवाल समेत 20 से अधिक लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कंपनी ने उनके घरों और फ्लैटों में इंटीरियर कार्य करने का वादा कर भारी रकम ली, लेकिन तय समय पर काम पूरा नहीं किया। ग्रेटर नोएडा के एक फ्लैट मालिक से भी करीब 10 लाख रुपये लेकर काम अधूरा छोड़ दिया गया। जब पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों द्वारा गाली-गलौज और धमकियां दी गईं। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और मुख्य आरोपी गुड्डू आलम को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।


एग्रीमेंट के नाम पर एडवांस लेकर शुरू कर देते थे तोड़फोड़
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह साल 2021 से कंपनी का संचालन कर रहा था और इंटीरियर डिजाइनिंग के नाम पर ग्राहकों से एग्रीमेंट कर कुल लागत का 50 से 60 प्रतिशत एडवांस ले लेता था। इसके बाद लेबर लगाकर घरों में तोड़फोड़ शुरू करा दी जाती थी ताकि ग्राहक काम शुरू होने का भरोसा कर लें। इसी दौरान आरोपी नए ग्राहकों से भी एडवांस ले लेता था और कई जगह काम अधूरा छोड़ देता था। इस वजह से ग्राहक न तो तुरंत किसी दूसरे डिजाइनर के पास जा पाते थे और न ही अपना पैसा वापस ले पाते थे।


सोशल मीडिया के जरिए ग्राहकों को फंसाता था आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने जिन कुछ कामों को पूरा किया, उन्हीं की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। इससे नए ग्राहकों को भरोसा दिलाकर उनसे मोटी रकम एडवांस में ली जाती थी। पुलिस के अनुसार, ग्राहकों से लिए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी के काम में कम और व्यक्तिगत मौज-मस्ती में ज्यादा किया गया। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है और आगे की जांच जारी है।

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